पिछड़ों के हमदर्द बदरी नारायण झा का जातिवादी चेहरा बेनकाब

कविताओ में पिछड़ों का दर्द बयान करने वाले बद्री नारायण झा के जातिवादी चेहरे को बेनकाब करते हुए राजद ने उन्हें गिरफ्तार करने की मांग क्यों की है?

पिछड़ों के हमदर्द बदरी नारायण झा का जातिवादी चेहरा बेनकाब

राष्ट्रीय जनता दल ने अपने आफिसियल ट्विटर हैंडल से बदरी नारायण झा (Badri Narayan Jha) पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें निर्लज्ज जातिवादी करार दिया है. इतना ही नहीं अपने ट्वीट में राजद ने लिखा है कि उन्हें अविलंब गिरफ्तार किया जाये.

बदरी नारायण झा, जीबी पंत सोशल सायंस इस्टिच्यूट के निदेशक हैं.

दर असल सोशल मीडिया पर एक स्क्रीन सॉट वॉयरल हो रहा है जिसमें G B Pant Social Science Institute में असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति में घोर जातिवाद करने की बात कही गयी है.

इस इंस्टिच्यूट द्वारा जारी सूचना में कहा गया है कि इंस्टिच्यूट के बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक 3 दिसम्बर को आयोजित की गयी. इसके द्वारा चयन समिति के रिकोमेंडेशन को अप्रूव किया गया. इसमें आगे बताया गया है कि चयन समित को सामान्य वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के योग्य अभ्यर्थी तो मिले लेकिन पिछड़े वर्ग का एक भी योग्य अभ्यर्थी नहीं मिला. इसलिए पिछड़े वर्ग से किसी असिस्टेंट या एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं की गयी.

इस मुद्दे को काफी गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय जनता दल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि इस ( बदरी नारायण झा) निर्लज को 75 करोड़ OBC में से कोई Suitable कैंडिडट नहीं मिला लेकिन अनारक्षित और EWS में इसकी जात के Suitable लोग मिल गए। वाह रे जन्मजात मेरिटधारी!

गौरतलब है कि बदरी नारायण झा ने 2017 में जीबी पंत सोशल सायंस इस्टिच्यूट में डारेक्टर का पद संभाला. बदरी नारायण अनेक पुस्तकों के लेखक तो हैं ही साथ ही दलित, पिछड़े वर्गों की आवाज को कविता के माध्यम से बड़ी संवेदनशीलता से उठाते रहते हैं. एक तरफ सबअल्टर्न मुद्दों के चैम्पियन बनने का दिखावा करने वाले बदरी नारायण को व्यावहारिक चेहरा पर से राजद ने पर्दा हटा दिया है.

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