राजद ने केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी पर बड़ा आरोप लगाया है। कहा कि मांझी ने मुसहर समाज के हितों के लिए संघर्ष करना छोड़ दिया है और परिवार की राजनीति कर रहे हैं। राजद ने मुसहरों के लिए लालू प्रसाद के किए कार्यों की याद दिलाई है। पार्टी 8 अप्रैल को पटना में मुसहर-भुइयां रैली करेगी, जिसे तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद संबोधित करेंगे।
मुसहर भूईयां महारैली सह संवाद कार्यक्रम की तैयारी के लिए राजद के कार्यालय में मुसहर भूईयां समाज की बैठक पूर्व विधायक उदय मांझी की अध्यक्षता में हुई, जिसका संचालन दीपक मांझी ने किया।
बैठक में फैसला लिया गया कि दिनांक 08 अप्रैल को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में मुसहर भूईयां महारैली सह संवाद कार्यक्रम होगा। उद्घाटन राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद करेंगे और मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद होंगे जिसमें मुसहर भूईयां समाज के वरिष्ठ नेता के साथ हजारो की संख्या में मुसहर भूईयां समाज के लोग शामिल होकर अपनी एकता का परिचय देंगे। इसके लिए प्रचार रथ, होर्डिंग, पोस्टर, बैनर के साथ विभिन्न स्थानों पर गेट बनाने का भी निर्णय लिया गया है।
इस अवसर पर बैठक में विधायक रामवृक्ष सदा, पूर्व विधायक समता देवी, अमित कुमार भारती, सदन मोहन मांझी, नेत्री तनु श्री मांझी, दुखनी देवी, मुसहर भूईयां समाज के नेता रामफल मांझी, कला सदादेव शरण मांझी, मुकेश मांझी, भीम मांझी, गुड्डू मांझी, भगीरथ मांझी उपस्थित थे।
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद सत्ता में रहते हुए मुसहर समाज को हर स्तर पर मान-सम्मान देने के साथ-साथ उनको हक और अधिकार भी दिया। साथ ही समाज के राजनीतिक, शैक्षणिक उन्नति के साथ-साथ उनको आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार के स्तर से जो योजनाएं चलायी उससे समाज के बीच बेहतर वातावरण का निर्माण हुआ है। लालू जी ने मुसहर समाज के बीच जाकर उन्हें शिक्षा देने की प्रेरणा दी और कहा कि पढ़ो या मरो और इसके लिए उन्होंने मुसहर समाज के बच्चों को अपने हाथों से नहलाने, स्वच्छ रहने की प्रेरणा दी और समाज के लिए बेहतर वातावरण का निर्माण करके समाज के लोगों को रहने के लिए पटना सहित राज्य के सभी जिलों में रैन बसेरा के साथ उन्हें मकान भी देने का कार्य किया। साथ ही विरासत की राजनीति में मुसहर समाज को आगे बढ़ाने के लिए भगवतिया देवी को लोकसभा सदस्य बनाने के साथ-साथ मुसहर समाज के लोगों को सांसद और विधायक बनाने का जो कार्य किया उससे समाज में राजनीतिक चेतना जागृत हुई।