रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए आठ घंटे नींद आवश्यक

रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए आठ घंटे नींद आवश्यक

पारस एचएमआरआई अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के कंसल्टेंट डॉ. फहद अंसारी व मुख्य डायटिशियन संजय कुमार मिश्रा ने बताई कैसे बढ़ेगी रोग प्रतिरोधक क्षमता।

कोरोना महामारी में रोग प्रतिरोधक क्षमता की बात बार-बार हो रही है। लोग रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहतर करने के लिए तरह-तरह के तरीके आजमा रहे हैं। कोई काढ़ा पी रहा है तो कोई विटामिन ‘सी‘ की गोलियां ले रहा है। इसी तरह लोग नींबू और संतरा भी खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में हमने पारस एचएमआरआई अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन के कंसल्टेंट डॉ. फहद अंसारी और यहीं के मुख्य डायटिशियन संजय कुमार मिश्रा से बात की। इन दोनों की कॉमन सलाह थी कि यदि रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करनी है तो सबसे जरूरी है आठ घंटे की नींद। फिर उसके बाद संतुलित आहार, व्यायाम और सही समय पर खाना खाना।

यदि जरूरी चीज का ध्यान रखा जाए तो इम्युनिटी बनी रहेगीः डॉ. फहद

डॉ. फहद अंसारी के अनुसार महामारी के दौरान भी रोग प्रतिरोधक क्षमता(इम्यूनिटी) बनाई रखी जा सकती है। इसके लिए कुछ अधिक प्रयास करने की जरूरत नहीं है। संतुलित जीवन और संतुलित खानपान ही काफी है। यदि मधुमेह या उच्च रक्तचाप के रोगी हैं तो समय पर दवा लेते रहें। इम्युनिटी बढ़ाने के लिए कोई अलग से दवा लेने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई विटामिन ‘सी‘ की गोली ले रहे हैं तो ले सकते हैं। लेकिन जिनको पथरी की शिकायत है उनको विटामिन ‘सी‘ की गोली नहीं लेनी चाहिए।

प्रोटीन और कुछ विटामिन को शरीर में बढ़ाकर कोरोना से लड़ सकते हैंः संजय

पारस अस्पताल के मुख्य डायटिशियन और डिपार्टमेंट ऑफ न्यूट्रिशन एंड डायट्रिक्स के विभागाध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा का कहना है कि शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने के लिए जरूरत के मुताबिक शरीर को ऊर्जा की पूर्ति होनी चाहिए। लेकिन प्रोटिन कम रहेगा तो इम्यूनिटी पर असर पड़ेगा। इसलिए प्रोटिन से भरपूर आहार लें। विटामिन ‘सी‘ की भी इम्युनिटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। भ्रांति है कि खट्टा या सिट्रिक एसिड युक्त फल ठंडा होता है, जबकि विटामिन ‘सी‘ की कमी से ही कफ, सर्दी व जुकाम होता है।

विटामिन ए, डी, बी कॉम्प्लेक्स और ई भी रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जरूरी है। विटामिन ए गाजर, कद्दू, पपीता आदि में मिलता है। वहीं विटामिन डी आठ बजे से एक बजे के बीच के धूप में मिलता है। विटामिन ई, जिंक और सेलिमम विभिन्न अनाज व फल के बीज में पाया जाता है। हल्दी में कुरकुमीन होता है। यह भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाता है। अदरक में विटामिन ‘बी‘ कॉम्प्लेक्स होता है। यह भी इम्यूनिटी के लिए जरूरी है।

लहसून, धनिया, जीरा, काली मिर्च व गोलमिर्च, जायफल, दालचीनी, इलाइची, सौंफ, तुलसी, मुलेठी, गिलोय और अश्वगंधा में भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ानेवाले विटामिन व एन्टीऑक्सीडेंट तत्व होते हैं। संजय कुमार मिश्रा के मुताबिक शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। इसलिए खूब पानी पिएं। कोशिश हो की रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक सोया जाए।

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