हेमंत सोरेन को कोर्ट से राहत, विश्वास मत में भाग लेंगे

हेमंत सोरेन को कोर्ट से राहत, विश्वास मत में भाग लेंगे

हेमंत सोरेन को कोर्ट से राहत, विश्वास मत में भाग लेंगे। पांच फरवरी को विश्वास वोट में भाग लेंगे। सरकार गिराने का प्लान बी हुआ फेल।

रांची की अदालत ने हेमंत सोरेन को राहत दी है। वे अब झारखंड विधानसभा में विश्वास मत के लिए सदन की कार्.वाही में भाग ले सकेंगे। ईडी ने कोर्ट में जमकर विरोध किया। उन्हें विश्वास मत की कार्यवाही में सामिल होने का विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने एक नहीं सुनी और हेमंत सोरेन को कार्यवाही में भाग लेने की इजाजत दे दी।

रांची स्थित PMLA कोर्ट द्वारा फ्लोर टेस्ट में सोरेन को शामिल होने की इाजत दिए जाने से सरकार गिराने की भाजपा की कोशिशों को झटका लगा है। अब चंपई सरकार के पक्ष में 44 वोट हो गए हैं। प्रदेश विधानसभा में 81 विधायक हैं। बहुमत के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए। इस तरह कुछ नाराज विधायकों को छोड़ भी दें, तो चंपई सरकार को बहमुत के लिए विधायक कम नहीं पड़ेंगे।

राज्य के एडवोकेट जेनरल राजीव रंजन ने कोर्ट के फैसले के बाद मीडिया से कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फ्लोर टेस्ट में शामिल होने की कोर्ट ने इजाजत दे दी है। हालांकि ईडी ने कोर्ट में पूरी ताकत से विरोध किया। लेकिन अब फैसला हमारे पक्ष में आ चुका है। उन्होंने कहा कि ईडी के विरोध से स्पष्ट है कि हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी का मकसद सरकार गिराना था। विधायकों को फ्लोर टेस्ट में शामिल होने से रोकना मकसद था। इस तरह पूरा प्रकरण दुर्भावना से प्रेरित था, यह स्पष्ट हो गया। हम कोर्ट में शुरू से यही कह रहे थे कि सरकार गिराने के मकसद से सोरेन को केस में फंसाया गया और गिरफ्तार किया गया।

इधर कोर्ट के इस फैसले के बाद चंपई सरकार को राहत मिली है। इसी के साथ अब सरकार गिराए जाने की आशंका भी लगभग पूरी तरह समाप्त हो गई है। विधायकों को धमकाने या लालच देने से बचाने के लिए महागठबंधन सरकार के अधिकतर विधायक हैदरा चले गए हैं। वे सीधे फ्लोर टेस्ट के दिन ही हैदराबाद से रांची पहुंचेंगे।

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