Tag: कलीम आजिज की एक गज़ल

वो शोख़ सितमगर तो सितम ढ़ाये चले है/ तुम हो के कलीम अपनी ग़ज़ल गाये चलो हो

कलीम आजिज हमारे बीच नहीं रहे. पढ़िये यह प्यारी ग़ज़ल जिसे हमें ओबैदुर्रहमान ने भेजी है. औबैदुर्रहमान के पिता डा.…