तेजस्वी का मछली पकड़ना नीतीश से भिन्न छवि गढ़ने की कोशिश

तेजस्वी का मछली पकड़ना नीतीश से भिन्न छवि गढ़ने की कोशिश

रूपेश हत्याकांड के बाद छपरा या मधुबनी जनसंहार के बाद पीड़ितों के बीच तेजस्वी यादव का पहुंचना याद होगा। अब उन्होंने तारापुर में मछली पकड़ क्या दिया संदेश?

तारापुर उपचुनाव में धुआंधार सभाएं करने, लोगों से लगातार संवाद करने के बीच तेजस्वी यादव का एक वीडियो वायरल है, जिसमें वे गांव के गरीब बच्चों के साथ मछली पकड़ रहे हैं। धान के खेत किनारे जमा पानी में बंशी डाली और मछली फंसाई। इसके बाद उन्होंने कुछ बोलकर और कुछ बिना बोले संदेश दिया। पहले बोलकर क्या संदेश दिया, उसकी चर्चा कर लें।

तेजस्वी ने अंग्रेजी में ट्वीट किया-हाथ और दिमाग स्थिर हो, साथ ही धैर्य और दृढ़ता हो, तो उसका फल मिलता है। और हां, मैं न तो भाजपा और न ही नीतीश की तरह लोगों के घर जलाकर आग तापने में विश्वास करता हूं।

तेजस्वी के ट्वीट के दो पक्ष हैं। पहला, उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं-समर्थकों को संदेश दिया कि आप सच्चाई की राह पर लगातार चलते रहें। राजनीतिक संघर्ष में आपा न खोएं। धैर्य रखें। दृढ़ रहें, तो जनता की सरकार बनेगी।

दूसरा, उन्होंने भाजपा-नीतीश कुमार को निशाने पर लिया। मालूम हो कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री ने कहा था-आपदा को अवसर बना दो। नतीजा हुआ कि महामारी को अवसर मानकर अस्पतालों ने खूब लूटा। सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए, बढ़ा रही है। तेजस्वी के कहने का अर्थ है लोग संकट में हों, तो लाभ कमाने की नहीं, मदद की भावना होनी चाहिए। यही राजधर्म है।

इसके साथ ही, मछली पकड़कर तेजस्वी ने जो संदेश बिना बोले हुए बिहार को दिया, वह है नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली के विपरीत जनता से सीधे जुड़ने की राजनीति। आम तौर से कहीं जनसंहार हो जाए, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पीड़ितों से मिलने नहीं जाते। प्रधानमंत्री भी लखनऊ गए, पर लखीमपुर के किसानों के आंसू पोछने वहीं गए।

राजद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली की आलोचना करता रहा है कि वे जनता से कटकर सिर्फ अधिकारियों के भरोसे राज चला रहे हैं। बड़े लोगों के साथ मुख्यमंत्री की तस्वीर दिख जाएगी, पर गरीब बच्चों के साथ बात करते, किसी गरीब बच्चे के पीठ पर हाथ रख प्यार जताते तस्वीर न तो प्रधानमंत्री की मिलेगी, न ही मुख्यमंत्री। तेजस्वी ने जननेता की अपनी समानांतर छवि को तारपुर में मछली मार कर मजबूत ही किया है। लालू प्रसाद भी सीधे लोगों, गरीबों से जुड़ने के लिए जाने जाते हैं। अब तेजस्वी उसमें अपने ढंग से नया अध्याय जोड़ रहे हैं।

पहली बार : 40 % टिकट महलाओं को, कांग्रेस दफ्तर में उमड़ी भीड़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*