ठंड में नीतीश-तेजस्वी कर रहे बिहार यात्रा, भाजपा करे तो क्या करे

ठंड में नीतीश-तेजस्वी कर रहे बिहार यात्रा, भाजपा करे तो क्या करे

बिहार में शीत लहर के बावजूद तीन यात्राएं चल रही है। नीतीश-तेजस्वी छपरा पहुंचे। बिहार भाजपा के बड़े नेता में तारतम्यता नहीं। भाजपा करे तो क्या करे।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपने पिछले बिहार दौरे पर भविष्यवाणी कर गए थे कि क्षेत्रीय दल समाप्त हो जाएंगे, लेकिन दिख रहा है उल्टा। राजद और जदयू के नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की समाधान यात्रा से उत्साहित हैं और भाजपा नेताओं में कोई सामंजस्य नहीं दिख रहा है। जेपी नड्डा बोल गए थे कि बिहार में जंगल राज-2 आ गया है। बिहार भाजपा के नेता इस लाइन को आगे बढ़ाने के बजाय कभी जाति जनगणना पर बोल रहे हैं, कभी समाधान यात्रा की आलोचना कर रहे हैं। कभी कह रहे हैं कि राजद और जदयू में खटपट से सरकार नहीं चलेगी। लगता है भाजपा ठीक से अपना एजेंडा तय नहीं कर पा रही।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सोमवार को शीत लहर के बीच सारण जिले के दरियापुर स्थित सज्जनपुर मटिहान पंचायत के गांवों में पहुंचे। यहां विभिन्न विभागों के अंतर्गत चल रही विकास योजनाओं का जायजा लिया। इस दौरान वहां लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। नीतीश और तेजस्वी को साथ-साथ देखकर कई बार भारी भीड़ जमा हो जा रही है। जदयू और राजद के कार्यकर्ता ठंड में भी जोश दिखा रहे हैं।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता पदयात्रा कर रहे हैं। वे बांका से चल कर भागलपुर जिले में पहुंच चुके हैं। उनकी यह यात्रा भारत जोड़ो यात्रा का हिस्सा है, जिसमें वे संघ-भाजपा की नफरती राजनीति और बेरोजगारी-महंगाई जैसे मुद्दों पर केंद्र की मोदी सरकार को घेर रहे हैं।

उधर भाजपा में कोई तारतम्य नहीं दिख रहा है। प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल दो दिन से चुप हैं। सात जनवरी को उन्होंने जातीय जनगणना पर सवाल उठाए थे। बिहार भाजपा ने मुख्यमंत्री की समाधान यात्रा की आलोचना करते हुए सोमवार को इसे संवेदनहीन यात्रा करार दिया। भाजपा सांसद सुशील मोदी ने कहा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पीएम बनने का सपना देख रहे हैं, जो कभी पूरा नहीं होगा। हर नेता अलग-अलग मुद्दों पर बोल रहे हैं। दो दिन पहले तक उन्हें उम्मीद थी कि रााजद विधायक सुधाकर सिंह के कारण नीतीश और तेजस्वी में खटपट होगी, पर वह भी नहीं होती दिखी। लगता है, भाजपा नीतीश-तेजस्वी सरकार के खिलाफ ठीक से रणनीति नहीं बना पाई है।

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