यूक्रेन में छात्र ने रोते हुए कहा-इससे तो अच्छा था साला हम मर जाते

यूक्रेन में छात्र ने रोते हुए कहा-इससे तो अच्छा था हम मर जाते

यूक्रेन में फंसे छात्र का वीडियो हिला देनेवाला है। उसने कहा यहां बॉर्डर पर हम दस घंटे से पड़े हैं। कोई पूछनेवाला नहीं है। साला इससे तो अच्छा था हम मर जाते।

भारत में बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह रहे हैं कि भारत के छात्र मेडिकल की पढ़ाई के लिए दुनिया के छोटे-छोटे देशों में जाते हैं, इससे हमारे देश का करोड़ों रुपया विदेश चला जाता है। प्रधानमंत्री के इस बयान को फिल्मकार विनोद कापरी ने जले पर नमक छिड़कना कहा है। उधर भारतीय छात्र यूक्रेन में कितने असहाय हैं, उसकी बानगी यह वीडियो है।

यूक्रेन में फंसे छात्र की रोते-रोते आंखें लाल हो गई हैं। वह वीडियो में कह रहा है कि यहां बॉर्डर पर हम दस घंटे से पड़े हैं, कोई देखनेवाला नहीं है। कहा जा रहा है कि अधिकारी 24 घंटे टच में है और यहां लगता है हमारा कोई मां-बाप ही नहीं। इससे चो अच्छा होता कि साला हम मर ही जाते। कोई हमें मार ही देता, तो अच्छा था।

फिल्मकार विनोद कापरी ने कहा-देश के बच्चे रो रहे हैं। काश आपने चुनाव प्रचार से समय निकालकर दो हफ़्ते कुछ कदम उठाए होते @narendramodi !! हर बार इतनी संवेदनहीनता ? हौसला रखो। ये है वीडियो-

पत्रकार अभिसार शर्मा ने कहा-सभी भारतीय विद्यार्थी हौसला रखें। आपकी इस दशा से आपके माँ बाप बहुत दुखी होंगे। अब क्या ही बोला जाए।

हमारे देश में ऐसे लोगों की कमी नहीं, जो छात्रों की इस स्थिति के लिए उन्हें ही जिम्मेदार बता रहा है। भक्तगण इस संकट के बीच प्रधानमंत्री को सबसे ताकतवर नेता बताने और साबित करने में मशगूल हैं। वहां हमारे देश के बच्चे परेशान हैं। उस पर तुर्रा यह कि वापस भारत लौटने के लिए तिगुना किराया वसूला जा रहा है। यह लॉकडाउन से शुरू हुआ, जब पलायन कर रहे मजदूरों से रेलवे ने फ्री करने के बजाय किराया बढ़ा कर वसूला। कई छात्र इसलिए भी परेशान हैं कि वे लाख-लाख रुपए किराए के लिए कहां से दें।

यह फोटो बता रहा प्रियंका की मेहनत भी ला रही रंग

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