यूपी : मुस्लिम युवक की पिटाई चुनाव तैयारी का हिस्सा तो नहीं

यूपी : मुस्लिम युवक की पिटाई चुनाव तैयारी का हिस्सा तो नहीं

मुरादाबाद में मुस्लिम युवक को बुरी तरह पीटा गया। पीटने वाले ने खुद को गोरक्षा वाहिनी का नेता बताया। पीटनेवाले व पिटनेवाले दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में खुद को गोरक्षा वाहिनी का नेता बतानेवाले ने शाकिर नाम के युवक को दिन-दहाड़े लाठियों से पीटा। पिटाई का वीडियो कल से वायरल है। पुलिस ने दो मामले दर्ज किए। एक तो तथाकथित गोरक्षा वाहिनी के नेता के खिलाफ और दूसरा उस युवक के खिलाफ, जिसकी पिटाई हुई। मतलब जो पीड़ित है, उसपर मुकदमा दर्ज किया।

एनडीटीवी के अनुसार शाकिर मीट बिक्री का काम करता है। शाकिर पर जानवर की हत्या, लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं करना और संक्रमण फैलाने की संभावना का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शाकिर को गिरफ्तार किया, पर जमानती मामले होने के कारण उसे थाने से छोड़ दिया गया।

उधर, शाकिर को पीटनेवाले मनोज ठाकुर को अबतक गिरफ्तार नहीं किया गया है।

गौतम गंभीर पर कोर्ट सख्त, दवा की जमाखोरी की होगी जांच

इससे पहले उन्नाव में पुलिस ने एक सब्जी विक्रेता 18 वर्षीय फैसल की पिटाई कर दी। फिर उसे अपने साथ ले गए। बाद में उसकी मौत हो गई। परिवार वालों का कहना है कि थाने में पुलिस की पिटाई से फैसल की मौत हुई। मौत के बाद हजारों लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन भी किया।

पांच दिन पहले यूपी के ही बाराबंकी में प्रशासन ने सौ साल पुरानी मस्जिद को ढाह दिया, जबकि कोर्ट से स्टे ऑर्डर भी था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में चुनाव आता देख भाजपा सांप्रदायिकता भड़का रही है।

लाशों से पटी गंगा से घबराई भाजपा-संघ, हुई गुप्त बैठक

अगर तीनों घटनाओं को जोड़कर देखें, तो सपा नेता अखिलेश यादव के आरोप में दम लगता है। इस बीच कोरोना में जिस तरह गंगा की रेत के नीचे लाशों का अंबार लगा है, उससे भाजपा परेशान है। लोग यह मान रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी कोरोना से निबटने में नाकाम रहे हैं। कोरोना का विधानसभा चुनाव में भाजपा पर क्या असर होगा, इसे लेकर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का मंथन जारी है।

भाजपा इस बात से परेशान है कि कोरोना विस्फोट और लोगों की तबाही कहीं चुनाव में नुकसान न कर दे। ऐसा हुआ, तो 2024 में लोकसभा चुनाव में भाजपा की वापसी का रास्ता कठिन हो जाएगा।

भाजपा शासित राज्य और गैरभाजपा शासित राज्य का फर्क इस बात से देखा जा सकता है कि छत्तीसगढ़ में एक डीएम ने एक युवक को पीट दिया। दूसरे दिन ही डीएम का जबाला हो गया। वहीं यूपी में तथाकथित गोरक्षक ने सरेआम एक युवक को पीट दिया, लेकिन पीड़ित युवक पर भी मुकदमा ठोंक दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*