पू. चंपारण : सामुदायिक भवन निर्माण में देखिए ऐसे हो रहा भ्रष्टाचार

पू. चंपारण : सामुदायिक भवन निर्माण में देखिए ऐसे हो रहा भ्रष्टाचार

पू. चंपारण : सामुदायिक भवन निर्माण में देखिए ऐसे हो रहा भ्रष्टाचार। जिले के आदापुर में 25 बोरी में एक बोरी सीमेंट मिला हो रहा निर्माण। ग्रामीणों में क्षोभ।

नेक मोहम्मद

पूर्वी चंपारण जिला के आदापुर क्षेत्र में भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। आदापुर प्रखंड क्षेत्र की डूबहा पंचायत के वार्ड नंबर 12 में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। इस वार्ड में बन रहा सामुदायिक भवन में कहीं बोर्ड नहीं लगा है और ना ही काम सही तरीके से हो रहा है। इस भवन निर्माण में पीलर जो लगाया गया है। उसके पीलर में जाल भी बांधा हुआ नहीं है। ईंट की क्वालिटी सही नहीं है। कुछ ऐसा पीलर है जिसमें छड़ भी नहीं लगा हुआ है। दो नंबर के ईंट इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि 25 बोरी बालू तथा एक बोरी सीमेंट मिला कर काम हो रहा है। पीलर की ढलाई और ईंट की चौड़ाई अभी से ही टूटना शुरू हो गया है जो काम अभी प्रगति पर है। पत्थर की क्वालिटी नेपाल वाली है। डूबहा पंचायत के वार्ड सदस्य मुकेश कुमार ने बताया है कि सामुदायिक भवन निर्माण में पिलर की ढलाई 8 एमएम के छड़ तथा सीमेंट का मात्रा बहुत ही कम और बालू की मात्रा बहुत ज्यादा लगाकर हो रहा है। इससे आज ही पिलर का ढलाई तथा इनकी जोड़ी टूट रहा है।

स्थानीय नागरिक कमलेश कुमार, मिंटू कुमार, प्रेम शंकर कुमार, दीपक कुमार, दिनेश कुमार, अशोक कुमार, सुरेंद्र प्रसाद, विश्वनाथ राम, इकबाल प्रसाद ने तथा अन्य लोगों ने इस घटिया निर्माण कार्य पर विरोध जताया है। घटिया निर्माण कार्य से लोग हताश हैं। आज ही दीवार उखड़ रहा है। पिलर का ढलाई गिर रहा है तथा प्लास्टर गिर रहा है तो इस सामुदायिक भवन में लोगों का जान कैसे बच पाएगा? सरकारी कार्य में 8m का छड़ लगाना तथा दीवार पर प्लास्टर का अपने आप गिरना मौत को दावत देने से कम नहीं है।

आदापुर अंचला अधिकारी के कार्यालय में लोगों ने लिखित आवेदन भी दिया है लेकिन अभी तक कोई जांच पड़ताल नहीं किया गया है। वार्ड सदस्य मुकेश कुमार के द्वारा दिनांक 16 -10-2023 को अपने ग्राम पंचायत राज डूबा के लेटर पैड पर लिखित आवेदन दिया था। नहीं जांच होने पर वार्ड सदस्य ने स्पीड पोस्ट किया दिनांक 7-12-2023 को फिर भी कोई सुनवाई नहीं किया गया।

आदापुर अंचला अधिकारी संजय झा का बयान है कि मैं जांच नहीं कर सकता हूं। मेरा काम है जमीन को उपलब्ध कराना। जांच का काम विभाग से होता है। किस विभाग से बन रहा है कि फंड से बन रहा है मुझे मालूम नहीं है।
आदापुर प्रमुख पति सरोज यादव का कहना है कि हम कुछ नहीं जानते हैं।

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