योगी की राह पर नहीं चलेंगे मुख्यमंत्री Nitish Kumar

योगी की राह पर नहीं चलेंगे मुख्यमंत्री Nitish Kumar

आज जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने इशारो-इशारों में बता दिया कि उप्र के मुख्यमंत्री योगी से वे सहमत नहीं हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए। लोगों की परेशानियां सुनीं और समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने इशारों-इशारों में बता दिया कि उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से वे सहमत नहीं हैं। उप्र में योगी सरकार की नीतियों के प्रति उनका क्षोभ भी प्रकट हुआ।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उप्र में जनसंख्या नियंत्रण पर लाए जा रहे नए कानून के बारे में पूछे जाने पर कहा-जिस राज्य को जो करना है करता रहे। मुख्यमंत्री ने एक लाइन में ही सबकुछ कह दिया। उनके बयान से उनका क्षोभ भी प्रकट होता है।

यूपी की भाजपा सरकार नया जनसंख्या नियंत्रण विधेयक ला रही है। इसका ड्राफ्ट तैयार हो गया है और यूपी सरकार की वेबसाइट पर अपलोड भी कर दिया गया है। जल्द ही विधेयक लाने की तैयारी है। इसके तहत दो से ज्यादा बच्चे होने पर सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा तथा ऐसे लोग स्थानीय निकाय के चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समान आचार संहिता की चर्चा पर कहा कि अगर ऐसा है, तो पूरे देश में शराबबंदी कानून लागू हो। स्पष्ट है, समान आचार संहिता पर भी उनकी राय भाजपा से भिन्न है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले भी देश के संवेजनशील मुद्दों पर भाजपा से अलग राह पर चलते रहे हैं। जदयू ने संसद में सीएए का समर्थन किया था, पर राज्य में एनआरसी लागू करने से मना कर दिया था। मुख्यमंत्री ने राज्य के अल्पसंख्यों को आश्वस्त किया था कि उनके रहते कोई उन्हें राज्य से बाहर नहीं कर सकता।

राज्यपाल की विदाई पर हेमंत ने रखी आदिवासी अस्मिता की लाज

यूपी की योगी सरकार की नई जनसंख्या नियंत्रण नीति को लोग अगले साल वहां होनेवाले विधानसभा चुनाव से जोड़ कर देख रहे हैं। यह उम्मीद की जा रही थी कि योगी सरकार के फैसले से राज्य में मतों का ध्रुवीकरण होगा, पर फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा।

पेट्रोल पर कांग्रेस का प्रदर्शन, Srinivas को पुलिस ने घसीटा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ताजा बयानों से स्पष्ट है कि वे बिहार में ऐसा कोई जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। समान आचार संहिता पर भी भाजपा को जदयू का समर्थन मिलने की संभावना नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*