दिल्ली में RSS के भारत रक्षा मंच के बैनर तले गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान दिवस कार्यक्रम में एपी पाठक

दिल्ली में RSS के भारत रक्षा मंच के बैनर तले गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान दिवस कार्यक्रम में एपी पाठक

दिल्ली में RSS के भारत रक्षा मंच के बैनर तले गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान दिवस कार्यक्रम में एपी पाठक। कहा- युवा पीढ़ी के प्रेरणास्रोत हैं गुरु तेगबहादुर जी।

गुरु तेगबहादुर बलिदान दिवस कार्यक्रम आरएसएस के भारत रक्षा मंच के बैनर तले दिल्ली में आयोजित हुआ।
जिसमें “हिंद के चादर”नाम से ख्यातिप्राप्त गुरु तेगबहादुर जी के शहादत को याद कर उनको श्रृद्धांजलि अर्पित किया गया। वक्ताओं ने उक्त मंच से गुरु तेगबहादुर जी की राष्ट्रवाद और उनके धर्म की लड़ाई को याद कर सबने उनकी बलिदान और शहादत से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेने की बात कही।

संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा नेता और पुर्व एडीजी भारत सरकार श्री एपी पाठक ने बताया कि गुरु तेगबहादुर जी ने हंसते हंसते मृत्यु को स्वीकार कर लिया परंतु औरंगजेब के दबाव में इस्लाम स्वीकार नहीं किया। भारत रक्षा मंच , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक इकाई है जो देश स्तर पर ऐसे प्रेरणादाई कार्यक्रम करते रहती है। इसमें भाजपा नेता एपी पाठक को आदर के साथ आमंत्रित किया गया था जहां एपी पाठक ने कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित किया और अपना वक्तव्य भी जारी किया।

उक्त अवसर पर भारत रक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक सूर्यकांत केलकर, भारत रक्षा मंच के दिल्ली के अध्यक्ष नंदन झा जी, भाजपा प्रदेश मंत्री बक्शी जी, भाजपा प्रदेश महामंत्री महेंद्र सिंह जी, आरएसएस के प्रांत प्रचारक शशांक जी, शैलेंद्र सिंह जी, बनवासी कल्याण संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् और अन्य दर्जनों सामाजिक कार्यकर्ता मौजुद रहें।

साथ ही राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मालपोवा जी के संदेशों को सबके बीच सुनाया गया ताकि अल्पसंख्यक सिखों के त्याग और बलिदान को देश के युवाओं के बीच लाया जा सके। आपको बताते चलें कि भाजपा नेता एपी पाठक सदैव से ही देशसेवा और ऐसे प्रेरणादाई कार्यक्रमों को अपने बाबु धाम ट्रस्ट के माध्यम से करते आ रहे है और अन्य मंचों द्वारा ऐसे कार्यक्रमों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते आ रहे हैं। चाहें वो शहीदों के सम्मान हो अथवा वीरांगनाओं के सम्मान या स्वतन्त्रता सेनानियों का सम्मान हो, सदैव से ऐसे कार्यक्रम दिल्ली के साथ साथ अपनी राजनीतिक कर्मभूमि अपनी मातृभूमि चम्पारण में करते आ रहे हैं। उनका एक ही विचार है कि आरएसएस की नीतियां आगे बढ़ती रहें और देश समृद्ध और उन्नत बने।

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