ड्राइवरों के साथ हुए राहुल, अखिलेश, नया कानून शहंशाह का फरमान

ड्राइवरों के साथ हुए राहुल, अखिलेश, नया कानून शहंशाह का फरमान

ड्राइवरों के साथ हुए राहुल, अखिलेश, नया कानून शहंशाह का फरमान। देशभर के ड्राइवर नए कानून के विरोध में। चाबुक से देश चलाना चाहती है सरकार। अखिलेश ने भी जताया विरोध।

नए कानून का विरोध कर रहे देशभर के ड्राइवरों को अब राहुल गांधी का साथ मिला है। राहुल गांधी ने कहा कि मेहनती वर्ग को कठोर कानूनी भट्टी में झोंकना उनकी जीवनी को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। और साथ ही, इस कानून का दुरुपयोग संगठित भ्रष्टाचार के साथ ‘वसूली तंत्र’ को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों को सस्पेंड करके केंद्र सरकार ने जन विरोधी कानून पास किए हैं। नए कानून को उन्होंने शहंशाह का फरमान करार दिया। मालूम हो कि नए कानून के अनुसार सड़क हादसे के बाद ड्राइवर के भाग जाने पर उसे दस साल की सजा होगी तथा सात साल का जुर्माना भी होगा।

राहुल गांधी ने कहा कि बिना प्रभावित वर्ग से चर्चा और बिना विपक्ष से संवाद के कानून बनाने की ज़िद लोकतंत्र की आत्मा पर निरंतर प्रहार है। जब 150 से अधिक सांसद निलंबित थे, तब संसद में शहंशाह ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़, ड्राइवर्स के विरुद्ध एक ऐसा कानून बनाया जिसके परिणाम घातक हो सकते हैं। सीमित कमाई वाले इस मेहनती वर्ग को कठोर कानूनी भट्टी में झोंकना उनकी जीवनी को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। और साथ ही, इस कानून का दुरुपयोग संगठित भ्रष्टाचार के साथ ‘वसूली तंत्र’ को बढ़ावा दे सकता है। लोकतंत्र को चाबुक से चलाने वाली सरकार ‘शहंशाह के फरमान’ और ‘न्याय’ के बीच का फर्क भूल चुकी है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि ‘एक्सिडेंट’ के बाद ड्राइवर भागा तो 10 साल की सजा और नहीं भागा तो जनता 10 साल हिलने लायक नहीं छोड़ेगी। एक तरफ कुआं, दूसरी तरफ खाई। अत: केंद्र की भाजपा सरकार काला कानून वापस लें, नही तो जनता 2024 लोकसभा चुनाव में एक एक वोट भाजपा के खिलाफ मतदान करके बुरी तरह से हराएगी। मालूम हो कि पिछले कई दिनों से देशभर के ड्राइवर नए कानून का विरोध कर रहे हैं। कल साल के पहले दिन ड्राइवरों ने चक्चा जाम आंदोलन किया। सरकारी बसों के ड्राइवरों में भी रोष साफ दिख रहा है। यहां तक कि ऑटो चालकों ने भी अपना विरोध दर्ज किया है।

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