हिना शहाब का दरभंगा में शक्ति प्रदर्शन, क्या MIM में जाने की है तैयारी?

हिना शहाब का दरभंगा में शक्ति प्रदर्शन, क्या MIM में जाने की है तैयारी?

हिना शहाब का दरभंगा में शक्ति प्रदर्शन, क्या MIM में जाने की है तैयारी? सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचीं। शहाबुद्दीन समर्थकों ने बरसाए फूल।

सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब मंगलवार को सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ सिवान से दरभंगा पहुंची। दरभंगा में शहाबुद्दीन समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया। जगह-जगह उनके स्वागत में उन पर फूल बरसाए गए। उनके समर्थकों की भीड़ और भव्य स्वागत से राजनीतिक गलियारे में अचानक सरगर्मी बढ़ गई। उनकी दरभंगा यात्रा को 2024 लोकसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। यह भी सर्वविदित है कि राजद के साथ हिना शहाब के रिश्ते पहले जैसे नहीं हैं। तो क्या वे सियासत में नई पारी शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि हिना शहाब राजद से रिश्ते तोड़कर ओवैसी की पार्टी AIMIM में शामिल हो सकती हैं।

नौकरशाही डॉट कॉम को एआईएमआईएम के सूत्रों ने जानकारी दी है कि हिना शहाब से पार्टी संपर्क में है और वे लोकसभा चुनाव से पहले एमआईएम में शामिल हो सकती हैं। वे ओवैसी की पार्टी में शामिल हो सकती हैं, इसके पीछे एक और तर्क दिया जाता है कि हिना शहाब ने एक साल पहले तेजस्वी यादव के गृह जिले गोपालगंज के उपचुनाव में अघोषित रूप से ओवैसी की पार्टी को समर्थन दिया, जिससे राजद को कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस उपचुनाव में एआइएमआइएम के प्रत्याशी अब्दुल सलाम 12214 वोट मिले थे, जो सम्मानजनक वोट कहे जाएंगे। यहां राजद को सिर्फ 1794 वोट से हार का सामना करना पड़ा था।भाजपा को 70053 वोट मिले थे, जबकि राजद को 68259 वोट।

हिना शहाब दरभंगा के मुरिया हाट मैदान में ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवाँ के 18वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के लिए पहुंची हैं।

इधर हिना शहाब ने दरभंगा की यात्रा को निजी यात्रा कहा है। यह भी कहा कि इसे राजनीति से नहीं जोड़ें। वे वहां एक मुशायरे में शामिल होने के लिए पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि वे हर साल यहां आती रही हैं। उनके इस बयान के बाद भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि निजी यात्रा में सैकड़ों गारियों के काफिले का क्या औचित्य है, जाहिर है हिना ने दरभंगा यात्रा से अपनी ताकत दिखाई है, जो 2024 चुनाव की तैयारी की उनकी किसी विशेय़ योजना का हिस्सा हो सकता है। वे अगर एमआईएम में शामिल होती हैं, तो लोकसभा चुनाव में कई दलों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खबर लिखे जाने तक राजद की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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