हिंसक भाषण देनेवाले भगवाधारी पर कार्रवाई नहीं, पत्रकार को नोटिस

हिंसक भाषण देनेवाले भगवाधारी पर कार्रवाई नहीं, पत्रकार को नोटिस

सभा में खुलेआम अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा भड़ाने वाले भाषण दिए गए, पर उन्हें जेल भेजने के बजाय दिल्ली पुलिस ने रिपोर्ट करने वाले पत्रकार को भेजे नोटिस।

दिल्ली में मुसलमानों और ईसाइयों के खिलाफ भड़काऊ भाषण दिए गए। हिंसा के लिए खुलेआम उकसाया गया, लेकिन उन्हें जेल भेजने के बजाय दिल्ली पुलिस ने डिजिटल मीडिया @moliticsindia को नोटिस भेज दिया। किस प्रकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ उकसाने वाला भाषण दिया गया, वह इस वीडियो को देखने से पता चलता है। @moliticsindia ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा-दिल्ली जंतर मंतर पर मुसलमान और ईसाइयों को गोली मारने का एलान क्यों ? @neeraj_jhaa के साथ देखिए क्या देश में अब संविधान का कोई अर्थ नहीं।

कार्टूनिस्ट राकेश रंजन ने लिखा-मीडिया का काम है खबर दिखाना, न तो चाटुकारिता करना और न दलाली करना| @moliticsindia के पत्रकार @neeraj_jhaa जी ने सवाल किया पत्रकारिता का प्रोटोकॉल निभाते हुए, जो भाषण दिया उसे दिखा दिया लेकिन हेट स्पीचर पर कोई कार्यवाई न करते हुए मोलिटिक्स को नोटिस भेज दिया गया है।

डिजिटल मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा ने भी डिजिटल पत्रकार को नोटिस नोटिस भेजने का विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट किया-नीरज को क्यों धमकाना?जो भड़काऊ बयान दे रहे हैं उनपर कार्रवाही क्यों नहीं ? ये क्या बात हुई ? सोशल मीडिया पर हेट स्पीच देने वालों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है।

डिजिटल मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम ने कहा-दिल्ली पुलिस के बॉस लोग, सबको पता था कि दिल्ली में ऐसे लोगों की सभा होने वाली है। आपने उन्हें नहीं रोका पहले भी दिल्ली में ये सब कई बार हो चुका है। अब आप हेट स्पीच के खलनायकों को दबोचने की बजाय उनके ज़हरीले बयानों की रिपोर्ट करने वालों को नोटिस भेज रहे हैं। वेद प्रकाश विद्रोही ने लिखा-वाह री #दिल्ली_पुलिस #हेट_स्पीच देने वाले संघीयों खिलाफ तो कार्रवाई नहीं कर रही! हां #HateSpeech को उजागर करने वालों को नोटिस देकर उनकी आवाज को दबाकर संघी हेटमोंगर्स को बचाने पाप में जरूर जुटी! #SupremeCourt #DelhiPolice खिलाफ कार्रवाई करेगा जो संघी #HateMongers की संरक्षक बनी!

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