रैट माइनर्स मुन्ना कुरैशी और उनके साथियों से मिले केजरीवाल

रैट माइनर्स मुन्ना कुरैशी और उनके साथियों से मिले केजरीवाल

रैट माइनर्स मुन्ना कुरैशी और उनके साथियों से मिले केजरीवाल। दिल्ली के CM ने 12 रैट माइनर्स से मुलाकात की। वे इनसे मिलने वाले पहले विपक्षी नेता।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को मुन्ना कुरौशी सहित सभी 12 रैट माइनर्स से मिले और सबके कार्य की सराहना की। मुन्ना कुरैशी और उनके साथियों ने 17 दिनों तक उत्तराखंड में टनल में फंसे 41 मजदूरों की जान बचाई है। यहां यह याद करना जरूरी है कि जब सारे इंजीनियर और अमेरीकी ऑगर मशीन फेल हो गई, तब इन रैट माइनर्स ने जान पर खेल कर छेद करके मजदूरों तक पहुंचे और फिर सारे मजदूर उसी रास्ते बाहर निकल सके।

रैट माइनर्स से मुलाकात के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री के साथ जल संसाधन मंत्री आतिशी, शहरी विकास मंत्री सौरव भारद्वाज भी मौजूद थे। सभी मंत्रियों ने भी मुन्ना कुरैशी तथा उनके साथियों की जमकर सराहना की।

मुख्यमंत्री केजरीवाल की मुलाकात का महत्व यह है कि 41 मजदूरों की जान बचाने के लिए भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी तथा केंद्रीय मंत्रियों को धन्यवाद दे रहे हैं, पर इन वास्तविक नायकों का नाम लेने बच रही है। दरअसल इन रैट माइनर्स में अधिकर मुस्लिम हैं। उनकी टीम में हिंदू भी हैं। सभी मिल कर काम करते हैं और मिल कर 41 मजदूरों को बाहर निकाला। केजरीवाल ने उन सच्चे नायकों को सम्मान देकर भाजपा के खिलाफ एक लकीर भी खींच दी है। केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद नहीं दिया, बल्कि इन रैट माइनर्स को बधाई दी। अब देखना भाजपा किस प्रकार जवाब देती है।

भाजपा नेताओं के साथ मुख्य मीडिया ने भी इन सच्चे नायकों के नाम सामने नहीं लाए। इसके बावजूद सोशल मीडिया के कारण इन सच्चे नायकों से देश परिचित हो सका। सोशल मीडिया में इन्हें मसीहा कहा गया। खास बात यह कि इन रैट माइनर्स ने अपने योगदान के बदले पैसे लेने से मना कर दिया और कहा कि जो मजदूर फंसे थे वे भी हमारे भाई हैं। हम पैसा क्यों लें। इसके बाद इनके प्रति सम्मान और भी बढ़ गया।

BJP के 11 विधायकों पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप, FIR दर्ज