अखिलेश के तेवर बदले, कांग्रेस पर कह दी बड़ी बात

अखिलेश के तेवर बदले, कांग्रेस पर कह दी बड़ी बात

अखिलेश के तेवर बदले, कांग्रेस पर कह दी बड़ी बात। कल तक कांग्रेस का नाम लेने से बचनेवाले सपा प्रमुख का अंदाज बदला। राहुल की न्याय यात्रा में शामिल होंगे?

पिछले 24 घंटे में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के तेवर बदल गए हैं। दो दिन पहले बसपा प्रमुख मायावती ने प्रेस वार्ता करके स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी लोकसभा का चुनाव अकेले लड़ेगी। उसके बाद सपा प्रमुख अब खुल कर विपक्षी एकता पर जोर दे रहे हैं। कल तक इंडिया गठबंधन तथा कांग्रेस का नाम लेने से बचने वाले अखिलेश यादव अब गठबंधन पर भी बोल रहे हैं और कांग्रेस पर भी। उन्होंने बुधवार को कहा कि सपा, कांग्रेस तथा रालोद मिल कर चुनाव लड़ेंगे। मजबूती से लड़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सीटों के बंटवारे में कोई व्यवधान नहीं है। सीटों का तालमेल जल्द हो जाएगा।

हालांकि माना जा रहा है कि अगर बसपा भी इंडिया गठबंधन के साथ होती, तो भाजपा को भारी नुकसान होगा। अब उनके अकेले लड़ने से बसपा का खाता खुलना मुश्किल हो गया है, लेकिन भाजपा की उम्मीदें बढ़ गई हैं। लेकिन इंडिया गठबंधन के लिए अच्छी बात है कि अब अखिलेश यादव मिल कर चुनाव लड़ने पर जोर दे रहे हैं। हालांकि अब भी इंडिया गठबंधन के लिए बहुत कुछ बचा है।

सवाल है कि क्या राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा जब यूपी पहंचेगी, तो अखिलेश यादव साथ खड़े होंगे। राहुल गांधी की यात्रा सबसे पहले बनारस पहुंचेगी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का क्षेत्र है। अगर बनारस में राहुल गांधी, अखिलेश यादव, जयंत सिंह तथा मल्लिकार्जुन खड़गे एक मंच पर आते हैं, तो इंडिया गठबंधन के लिए माहौल बन जाएगा। राहुल गांधी की न्याय यात्रा अगले महीने बिहार के सासाराम के रास्ते उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी। चदौली होते हुए यात्रा बनारस पहुंचेगी। इसके बाद भदोही, इलाहाबाद, प्रतापगढ़, अमेठी, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, लखीमपुर, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कासगंज से होकर गुजरेगी। अगर अखिलेश यादव और जयंत सिंह साथ रहे तो भाजपा के लिए मुश्कलल हो सकती है।

इधर दिल्ली में आज कांग्रेस तथा सपा नेताओं की बैठक हुई, जिसमें उत्तर प्रदेश में सीटों के बंटवारे पर चर्चा हुई। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार चर्चा सार्थक रही है। अखिलेश यादव ने भी कहा कि सीटों का बंटवारा हो जाएगा। समझा जा रहा है कि दो-तीन दिनों में स्थिति और भी स्पष्ट होगी।

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