ममता का एलान- पूरे बंगाल में 22 जनवरी को सर्वधर्म एकता रैली

ममता का एलान- पूरे बंगाल में 22 जनवरी को सर्वधर्म एकता रैली

ममता का एलान- पूरे बंगाल में 22 जनवरी को सर्वधर्म एकता रैली। सभी 341 प्रखंडों में सर्वधर्म रैली। कोलकाता में ममता जाएंगी मंदिर, मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारा।

जहां भाजपा ने 22 जनवरी को अयोध्या में राममंदिर को राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया है। उसके सारे नेता मंदिरों में सफाई कर रहे हैं। गांव-गांव निमंत्रण बांट रहे हैं। अक्षत बांट रहे हैं। वहीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसी दिन पूरे बंगाल में सर्वधर्म सद्भाव रैली निकालने की घोषणा की है। बंगाल के सभी 341 प्रखंडों में सर्वधर्म सद्भाव या एकता रैली निकाली जाएगी। हर प्रखंड की ऐसी रैली में प्रखंड के सभी धर्मों के लोग हिस्सा लेंगे। खुद ममता बनर्जी 22 जनवरी को काली मंदिर में पहले पूजा करेंगी। माता को स्पर्श करेंगी। इसके बाद वे मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारा जाएंगी तथा इन स्थलों को भी स्पर्श करेंगी।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों में सम्मान जताने के बाद वे हाजरा स्क्वायर से पार्क सर्कस तक सर्वधर्म सद्भाव रैली का नेतृत्व करेंगी। इस रैली में उनके साथ सभी धर्मों के धर्म गुरु भी चलेंगे। उन्होंने कहा कि सारे धर्मों में सद्भाव से ही देश मजबूत होगा। सद्भाव से ही देश जुड़ता है। हालांकि उन्होंने एक बार भी अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन का जिक्र नहीं किया। साफ है वे अपने कार्यक्रम को भाजपा के कार्यक्रम के विरोध के रूप में जताना नहीं चाहती। वे विभिन्न धर्मों में सद्भाव पर जोर देना चाहती हैं।

बंगाल की आबादी के लिहाज से ममता बनर्जी का यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। बंगाल में लगभग चौथाई आबादी मुस्लिम है। उन्हें पता है कि सद्भाव बिगड़ा तो बंगाल पिछड़ जाएगा। निश्चित रूप से ममता बनर्जी के इस कार्यक्रम को चुनावों पर भी असर पड़ेगा। वे सांप्रदायिक शक्तियों से मुकाबले के लिए अपने जनाधार को तैयार कर रही हैं।

इधर बुधवार को इंडिया गठबंधन तथा एनसीपी के नेता शरद पवार ने भी अयोध्या में राममंदिर के उद्घाटन समारोह में नहीं जाने का फैसला लिया है। आज उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को पत्र लिख कर आमंत्रण के लिए धन्यवाद दिया, साथ ही लिखा कि वे उद्घाटन में शामिल नहीं होंगे।

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