सपा प्रमुख अखिलेश यादव मस्जिद में चले गअ, तो भाजपा ने इसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। कहा कि पार्टी एफआईआर करेगी। भाजपा के प्रमुख नेताओं ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव समाजवादी नहीं हैं, बल्कि नमाजवादी हैं। जवाब में अखिलेश यादव ने भाजपा को दरारवादी कहा।
दरअसल पार्लियामेंट स्ट्रीट स्थित मस्जिद में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पहुंचे थे। उनके साथ सपा के अन्य सांसद भी थे। बाहर बारिश हो रही थी, तो मस्जिद के इमाम ने सभी को भीतर आने को कहा। इसके बाद सभी सांसद मस्जिद के भीतर पहुंचे। थोड़ी देर तक वे वहां रुके। इस दौरान कई सामाजिक विषयों पर चर्चा हुई।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने लखनऊ में कहा कि सपा प्रमुख ने धार्मिक स्थल का राजनीतिक उपयोग किया है। उनके साथ डिंपल यादव भी थीं। उन्होंने पूरी तरह शरीर को ढंके बगैर मस्जिद में प्रवेश किया, जो इस्लाम का अपमान है। उन्होंने कहा कि हम एफआईआर करेंगे। उनके इस बयान के बाद राजनीति गरमा गई। भाजपा के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि अखिलेश यादव समाजवादी नहीं हैं, बल्कि वे नमाजवादी हैं।
इसके बाद अखिलेश यादव ने भी जवाब दिया। कहा कि हम सभी आस्थाओं का सम्मान करते हैं। आस्थाएं सबको जोड़ने का काम करती हैं, जबकि भाजपा लोगों को तोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि आस्थाओं से लोगों के बीच की दूरी मिटती है, लेकिन दरारवादी भाजपा इससे चिढ़ती है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी कहा कि बारिश से बचने के लिए सपा प्रमुख मस्जिद के भीतर गएष इसे इस तरह मुद्दा बनाना शर्मनाक है। कई अन्य नेताओं ने कहा कि भाजपा बिहार में जारी एशआईआर से लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है, इसीलिए वह मस्जिद में जाने को तूल दे रही है, ताकि लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। सोशल मीडिया में नमाजवादी बनाम दरारीवादी की चर्चा चल पड़ी है।