बजरंग पुनिया ने पद्मश्री अवार्ड PM आवास के सामने फुटपाथ पर रखा

बजरंग पुनिया ने पद्मश्री अवार्ड PM आवास के सामने फुटपाथ पर रखा

बजरंग पुनिया ने पद्मश्री अवार्ड PM आवास के सामने फुटपाथ पर रखा। उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम पत्र जारी किया। कल ही साक्षी ने कुश्ती त्यागने की घोषणा की थी।

देश के चर्चित पहलवान बजरंग पुनिया ने अपना पद्मश्री सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के सामने फुटपाथ पर रख दिया। इससे थोड़ी देर पहले उन्होंने प्रधानमंत्री को खुला पत्र लिखा तथा पद्मश्री लौटाने का एलान किया। कभी देश की शान कही गई साक्षी मलिक ने कल रोते हुए कुश्ती त्यागने की घोषणा की थी। उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद पर बृजभूषण शरण सिंह के खास आदमी के जीतने और उनकी दबदबा कायम था, कायम रहेगा जैसी दंभपूर्ण घोषणा के बाद कुश्ती त्यागने की घोषणा की थी। याद रहे साक्षी मलिक तथा कई महिला पहलवानों ने भाजपा सांसद बृज भूषण पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बजरंग पूनिया ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा देश की महिला पहलवानों ने कुश्ती संघ पर काबिज ब्रज भूषण सिंह पर सेक्सुअल हैरेसमेंट के गंभीर आरोप लगाए थे। महिला पहलवानों के आंदोलन में मैं भी शामिल। सरकार ने आश्वासन दिया, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमें कोर्ट जाना पड़ा, तब एफआईआर दर्ज हुई। आंदोलन 40 दिन चला। हमारे प्रदर्शन स्थल को तहस-नस कर दिया गया। हमें दिल्ली से बाहर खदेड़ दिया गया।

पूनिया ने कहा कि हम सभी की रात रोते हुए निकली। समझ नहीं आ रहा था कि हम कहां जाएं क्या करें। सरकार ने कई सम्मान दिए और लगा था कि जीवन सफल हो गया लेकिन आज उससे कहीं ज्यादा दुखी हूं और यह सम्मान मुझे कचोट रहे हैं। कारण सिर्फ एक ही है कि जिस कुश्ती के लिए यह सम्मान मिला उसमें हमारे साथी महिला पहलवानों को अपनी सुरक्षा के लिए कुश्ती तक छोड़नी पड़ रही है। अंत में उन्होंने लिखा है कि मुझे ईश्वर में पूरा विश्वास है। उनके घर देर है, अंधेर नहीं। अन्याय पर एक दिन न्याय की जरूर जीत होगी।

इधर सोशल मीडिया पर बजरंग पूनिया का पत्र वायरल हो गया है। लोग महिला पहलवानों के पक्ष में लगातार लिख रहे हैं।

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