बारिश के लिए बच्चियों को नंगा घुमाया, ‘खौलते’ पानी में बिठाया

बारिश के लिए बच्चियों को नंगा घुमाया, ‘खौलते’ पानी में बिठाया

मध्यप्रदेश में बारिश के लिए बच्चियों को नंगाकर गांव में घुमाया गया। वहीं एक अन्य जगह अंधविश्वास फैलाने के लिए एक बच्चे को खौलते पानी में बिठाया।

मध्यप्रदेश के दामोह में वर्षा के देवता इंद्र को प्रसन्न करने के लिए छोटी-छोटी बच्चियों को नंगा करके गांव मं घुमाया गया। इस खबर के सामने आते ही लोग तीखी आलोचना कर रहे हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग ने घटना की रिपोर्ट मांगी है।

उधर, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें एक बच्चे को बड़े कड़ाह में ‘खौलते’ हुए पानी में बिठाया गया है। कड़ाह में चारों तरफ फूल दिख रहे हैं। कड़ाह के एक हिस्से में पानी खौलता दिख रहा है। बच्चे के चेहरे पर कोई परेशानी नहीं है। वह ललाट पर टीका लगाए लाल गमछा कंधे पर रखे है। हाथ जोड़कर प्रर्थना कर रहा है। आसपास भीड़ है। एक बैनर भी दिख रहा है, जिसमें प्रहलाद लिखा है। इस वीडियो को संदीप विष्ट ने शेयर किया है। उनका लोकेशन लंदन दिखा है।

इस वीडियो पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। लोगों ने लिखा है कि यह साधारण सड़क छाप ‘चमत्कार’ है। मीर आबिद ने लिखा है- पानी को पंप किया जा रहा है। इसीलिए पानी में उबाल एक ही जगह दिख रहा है, जबकि खौलने पर कड़ाह के चारों तरफ उबाल होगा। ऐसे चमत्कार को मूर्ख जनता सच मान लेती है और देवता की तरह पूजा करने लगती है। हिमांशु अनीता मिश्रा ने लिखा है-चलो बच्चे में कोई शक्ति होगी, लेकिन फूलों में कौन सी शक्ति है, जो उबलते पानी में भी ताज़ा बने हुए हैं और मुरझा नहीं रहे।

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कई लोगों ने लिखा है कि क्या हम वैज्ञानिक युग में रह रहे हैं? क्या इसी तरह भारत महान बनेगा? कई लोगों ने इसके लिए भाजपा और वाट्सएप यूनिवर्सिटी को जिम्मेदार बताया है, जो कभी नाले से रसोई गैस निकालती है, कभी गोबर लेपने से कोरोना ठीक करती है।

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