बिहार पुलिस की पहल, अवैध लेन-देन करनेवाले 100 एप बंद होंगे

बिहार पुलिस की पहल, अवैध लेन-देन करनेवाले 100 एप बंद होंगे

बिहार पुलिस की पहल, अवैध लेन-देन करनेवाले 100 एप बंद होंगे। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव को लिखा पत्र। जानिए किन एप से न लें कर्ज।

बिहार पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखकर अवैध तरीके से कर्ज देने, फिर अधिक राशि वसूलने, कर्ज न चुकाने पर अपमानित करने वाले अवैध एप को बंद करने के लिए पत्र लिखा है। बिहार पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इन एप्स से कर्ज न लें, कोई लेन-देन न करें, वरना उन्हें परेशानी हो सकती है।

बिहार पुलिस कहा है कि 32 वीं राज्यस्तरीय समन्वय समिति (SLCC) की बैठक में 17 फरवरी, 2022 के कार्यवृत्त एनेक्सर3, एजेंडा 5 के अंतर्गत अवैध रूप से वित्तीय कार्य व्यापार कर रही एप्स की जानकारी प्राप्त होने पर धारा 69 (ए), आईटी एक्ट के अंतर्गत नेशनवाइड एक्सेस ब्लॉकिंग के लिए प्रधान सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग विभाग, बिहार, पटना को लगभग 100 से अधिक ऐप्स बंद करने का अनुरोध पत्र लिखकर किया गया है।

बिहार राज्य में किसी ऐप को बंद करने के लिए डेजिग्नेटिड अथॉरिटी प्रधान सचिव, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, बिहार पटना है। उनके द्वारा ज्वाइंट सेक्रेट्री कम डेजिग्नेटिड अथॉरिटी मिनिस्ट्री ऑफ़ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी भारत सरकार को पत्र जारी किया जाता है। इन एप्स को आरबीआई से मान्यता प्राप्त नहीं है। इन एप्स के माध्यम से अवैध वित्तीय लेन-देन किया जाता है। इन एप्स के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को ऋण दिया जाता है तो कर्ज से कई गुना अधिक राशि की वसूली बलपूर्वक, डरा धमकाकर तथा अपमानित करके ली जाती है। यह समस्या पूरे भारतवर्ष में है। आर्थिक अपराध इकाई को विभिन्न परिवादों तथा साइबर इंटेलिजेंस ग्रुप से मिल रही सूचनाओं के आलोक में भी यह कार्रवाई की गई है।

उदाहरण के लिए कुछ अवैध रूप से संचालित TARA Rupee, Daily loan aap, Loan bandhu , Aadhar Cash एप हैं। इन अवैध लोन ऐप के लिए नीचे सूची देखें।

बिहार पुलिस ने आमजन से अपील है कि किसी भी आवश्यकता पर किसी राष्ट्रीय कृत बैंक अथवा आरबीआई द्वारा मान्यता प्राप्त ऋण प्रदान करने वाली एजेंसी संस्था से ही ऋण लें।

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