भाजपा के नेता खाते बिहार का, गाते दिल्ली का : राजद

भाजपा के नेता खाते बिहार का, गाते दिल्ली का : राजद

आज राजद ने भाजपा पर तीखा हमला किया। कहा भाजपा के नेता बिहार का खाते हैं और गीत गाते हैं केंद्र का। है हिम्मत तो बिहार का पेट काटने के खिलाफ आवाज उठाएं।

बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि बिहार के पैसे से चल रही योजनाओं को केंद्र अपने नाम पर प्रचारित करता है। अब राजद ने भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उसे बिहार के गरीबों, छात्र-नौजवानों की कोई चिंता नहीं है। केंद्र की मोदी सरकार बिहार का हक मार रही है, लेकिन उस पर इनकी बोलती बंद है। भाजपाई खाते बिहार का हैं और गाते हैं केंद्र का।

राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने भाजपा नेताओं को प्रतिशोध की राजनीति से बाहर आने और बिहार के हित में सकारात्मक राजनीति करने की सलाह दी है। वरना जनता की अदालत में वे अपना चेहरा दिखाने के काबिल नहीं रहेंगे।

राजद प्रवक्ता ने सुशील मोदी द्वारा गुड़गांव मौल पर दिया गया बयान उनकी विकृत मानसिकता और नकारात्मक सोच का नमूना है। जनता के गाढ़ी कमाई का लाखों रूपया प्रति माह सुशील मोदी जैसे नेताओं पर इसलिए खर्च नहीं होता है कि वे प्रतिशोध में अनर्गल बयानबाजी करते रहें। राज्यसभा सदस्य के रूप में उन्हें अपने उर्जा का इस्तेमाल बिहार के विकास के लिए करना चाहिए। राज्यसभा में बिहार का प्रतिनिधित्व करने के कारण उन्हें केन्द्र सरकार द्वारा बिहार के प्रति उपेक्षापूर्ण नीति के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। वर्षों से बिहार के हिस्से की राशि में कटौती हो रही है। सर्वशिक्षा अभियान, मनरेगा सहित विभिन्न वित्त आयोगों द्वारा अनुसंशित राशि का हजारों करोड़ रुपया अभी तक बिहार को नहीं मिला है।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि सुशील मोदी जी एवं केन्द्र सरकार में शामिल बिहार के मंत्रियों को प्रधानमंत्री जी द्वारा बिहार के लिए घोषित विशेष पैकेज बिहार को मिले इस दिशा में पहल करनी चाहिए।

राजद प्रवक्ता ने कहा कि जेपी नड्डा, सुशील मोदी,‌अश्वनी चौवे , रविशंकर प्रसाद सहित भाजपा के अनेकों नेता पटना विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं और आज वे केन्द्र सरकार से लेकर भाजपा में महत्वपूर्ण भूमिका में हैं पर इसके बावजूद पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय का मान्यता नहीं दिलवा सके । और बिहार सरकार अपने संसाधनों के बल पर बिहार के प्रगति के लिए कृत संकल्पित हैं तो यह‌ भाजपा नेताओं के लिए परेशानी का कारण बन गया है और उनके द्वारा लगातार अनर्गल बयानबाजी कर बिहार की छवि खराब करने का अभियान चलाया जा रहा है।

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