BJP को बुरा लगे तो लगे, नीतीश ने इफ्तार में तेजस्वी को बुलाया

BJP को बुरा लगे तो लगे, नीतीश ने इफ्तार में तेजस्वी को बुलाया

पहले तेजस्वी यादव ने इफ्तार में नीतीश कुमार को आमंत्रित किया, तो अब नई खबर है कि जदयू ने भी इफ्तार में तेजस्वी को आमंत्रित कर दिया। BJP की जलन बढ़ी।

कुमार अनिल

बिहार में एक बिल्कुल नया खेल शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव दोनों भाजपा के खिलाफ गोल पर गोल किए जा रहे हैं और भाजपा परेशान है। पहले तेजस्वी यादव ने अपनी इफ्तार पार्टी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आमंत्रित किया और नीतीश कुमार पैदल ही पहुंच गए। पैदल तेजस्वी के यहां जाने का भी खास अर्थ है। आप जब किसी से अपनापन जाहिर करना हो, तभी पैदल जाते हैं। नीतीश चाहते, तो काफिले के साथ जाते, लेकिन वह औपचारिक होता। उसमें सत्ता की ताकत दिखती। पैदल पहुंच गए, जैसे कोई पड़ोसी ही नहीं, अपना भी हो। नीतीश कुमार का तेजस्वी के यहां जाना भाजपा को रास नहीं आया होगा, इसे समझा जा सकता है।

अब लीजिए। अब जदयू ने अपनी इफ्तार पार्टी में तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी दोनों को आमंत्रित कर दिया है। क्या आपको लगता है कि भाजपा इससे खुश होगी? बिल्कुल नहीं, बल्कि उसकी जलन बढ़ जाएगी। और इस जलन से जदयू के दिग्गज अनभिज्ञ होंगे, ऐसा संभव नहीं है। तो जदयू ऐसा क्यों कर रहा है?

जदयू के एक के बाद एक नेता आजकल भाजपा को जलाने में लगे हैं। कोई न कोई नेता रोज ही कह जाते हैं कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं और 2025 तक रहेंगे। यह दावा भी भाजपा को जलानेवाला ही है।

इफ्तार अब सिर्फ भाईचारा बढ़ाने, एक दूसरे को समझने का माध्यम भर ही नहीं रहा, बल्कि आज के दौर में जब नफरत की राजनीति को हवा दी जा रही है, तब इफ्तार के महत्व में नया आयाम जुड़ गया है।

राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि इफ्तार भाजपा की नफरत की राजनीति का जवाब है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पहले राजद ने इफ्तार में मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया तो स्वाभाविक है कि जदयू ने भी राजद नेताओं को आमंत्रित किया है। इसे राज्य की राजनीति से जोड़कर देखना ठीक नहीं।

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