नीतीश को हाथों हाथ आमंत्रण, झारखंड में चंपई को 20 घंटे बाद भी बुलावा नहीं

नीतीश को हाथों हाथ आमंत्रण, झारखंड में चंपई को 20 घंटे बाद भी बुलावा नहीं

नीतीश को हाथों हाथ आमंत्रण, झारखंड 20 घंटे से सरकारविहीन। खतरे में देश का संघीय ढांचा। जनता पूछ रही झारखंड का CM कौन? आमंत्रण न देने की क्या वजह?

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा देते हैं और तुरत उन्हें सरकार बनानेे का आमंत्रण मिल जाता है। चार घंटे बाद सरकार भी बन जाती है। वहीं झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पद से इस्तीफा दिया। तुरत इंडिया गठबंधन के 47 विधायकों ने चंपई सोरेन को अपना नया नेता चुना। उन्होंने कल ही रात 8.45 बजे सरकार गठन के लिए दावा किया। सभी विधायकों को राजभवन में जाने की इजाजत नहीं दी गई। सिर्फ पांच विधायकों को इजाजत दी गई। चंपई सोरेन के नेतृत्व में पांच विधायकों ने राज्यपाल को लिखित दावा पेश किया। 24 घंटे होने को है, पर उन्हें सरकार बनाने का आमंत्रण नहीं दिया गया।

इसी के साथ देश पूछ रहा है कि झारखंड का मुख्यमंत्री कौन है, सरकार गठन के दावे के बाद भी आमंत्रण नहीं देने के पीछे क्या वजह है? विपक्षी नेताओं ने कहा कि देश में संघीय ढांचे का मजाक बना दिया गया है। संविधान का मखौल बना दिया गया है। वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा ने ट्वीट किया-श्रीमान राज्यपाल, झारखंड का मुख्यमंत्री कौन है? उन्होंने यह भी लिखा-क्या हेमंत सोरेन की पत्नी का नाम चंपई सोरेन है? अगर नहीं तो सार्वजनिक तोर पर माफ़ी मांगें वो सब पत्रकार जिन्होंने JMM के ख़िलाफ़ ये प्रचार किया था।

मालूम हो कि बुधवार को ईडी ने हेमंत सोरेन से पूछताछ की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सोरेन ईडी के साथ ही राजभवन गए और अपने पद से इस्तीफा दिया। इधर इंडिया गठबंधन के सभी विधायक पहले से एकसाथ थे। गिरफ्तारी और सोरेन के इस्तीफे की खबर के बाद उन्होंने नया नेता तंपई सोरेन को चुना। वे सरायकेला से विधायक हैं और झामुमो के वरिष्ठ नेता हैं। उनके नेतृत्व में सभी विधायक राजभवन गए, जहां उन्हें रोक दिया गया। सिर्फ पांच विधायकों को जाने की इजाजत दी गई। इसके बाद चंपई सोरेन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मिल कर सरकार बनाने का दावा किया।

थोड़ी देर पहले इंडिया गठबंधन के नए नेता चंपई सोरेन ने राज्यपाल को पत्र लिख कर उन्हें सरकार बनाने का आमंत्रण देने की मांग की है। इधर भाजपा में खामोशी है। गोदी मीडिया भी कल तक हेमंत के खिलाफ आग उग रहा था, आज राजभवन की खामोशी पर एक शब्द नहीं बोल रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या गठबंधन विधायकों को जराने और तोड़ने के लिए सरकार गठन में देर की जा रही है।

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