Caste Census पर जंग : तेजस्वी के जवाब में उतरे जदयू अध्यक्ष
बिहार में Caste Census को तेजस्वी यादव ने राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया। आज इंडियन एक्सप्रेस में उनका आलेख छपा। पहली बार उनके जवाब में उतरे जदयू अध्यक्ष।
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भले ही जातीय जनगणना पर राज्य के सभी दलों ने सहमति जता दी, पर इस सवाल पर जंग खत्म नहीं हुई है। जरूर अब जंग का मैदान बदल चुका है। कल सर्वदलीय बैठक में जातीय जनगणना कराने के प्रस्ताव के पारित होने के बाद ही विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार राजद ने जातीय जनगणना कराने के लिए संघर्ष किया। किस प्रकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दबाव बनाया और भाजपा को झुकने पर मजबूक किया। आज मामला तब एक कदम और भी आगे बढ़ गया, जब तेजस्वी यादव का आलेख इंडियन एक्सप्रेस के राष्ट्रीय संस्करण में छपा। इसमें भी भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के इनकार, प्रदेश नेतृत्व के भी उसी सुर में बोलने पर खूब घेरा है। भाजपा और जदयू दोनों को ही कटघरे में खड़ा किया है।
अब पहली बार जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं। उन्होंने राजद, कांग्रेस सहित पूरे यूपीए पर सवाल उठाया। उमेश कुशवाहा ने कहा-सर्वदलीय बैठक में जातीय गणना का निर्णय स्वागत योग्य हैl इसके माध्यम से गांधी, लोहिया, जयप्रकाश एवं कर्पूरी के सामाजिक न्याय के सपने को साकार करने का कार्य माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने किया हैl जातीय गणना के लिए नीतीश कुमार जी की यह चिर प्रतीक्षित मांग रही हैl.
मुख्यमंत्री जी ने बिहार में सत्ता की बागडोर सम्हालते ही पिछड़ चुकी जातियों को विकास की मुख्यधारा में लाने का प्रयास कियाl राजद जातीय गणना को राजनीतिक एजेंडा बनाकर जदयू द्वारा किये गए प्रयासों का क्रेडिट लेकर राजनीतिक रोटी सेकने का प्रयास कर रही है पर बिहार की जनता उसकी इस प्रवृत्ति से अवगत हैl जिसने यूपीए द्वारा 2011 की रिपोर्ट को प्रकाशित कराने का कोई प्रयास नहीं कियाl मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने अपने संसाधन से जातीय गणना का कार्य पूरा करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।
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