लोजपा के निवर्तमान सांसद चौधरी महबूब अली कैसर ने लोजपा से त्यागपत्र दे दिया है। कल रविवार को वे राजद में शामिल होंगे। खुद तेजस्वी यादव उन्हें राजद की सदस्यता प्रदान करेंगे। चौधरी महबूब अली कैसर लगातार दो बार खगड़िया से सांसद रहे। पार्टी में फूट पड़ने पर वे पशुपति कुमार पारस खेमे के साथ रहे। लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पारस खेमे की लोजपा को एक भी सीट नहीं दी। इस बीच चौधरी ने दूसरे खेमे के नेता चिराग पासवान से भी मुलाकात की, लेकिन पासवान ने उन्हें टिकट नहीं दिया। अब उन्होंने राजद में शामिल होने की घोषणा कर दी है।

चौधरी महबूब अली कैसर के बेटे चौधरी यूसुफ कैसर सिमरी बख्तियार से राजद के विधायक हैं। अब पिता भी राजद में शामिल हो रहे हैं। चौधरी महबूब अली का परिवार लंबे समय से राजनीति में रहा है। उनके पिता चौधरी सलाहुद्दीन बिहार में मंत्री थे। उनका परिवार पुराना नवाब परिवार रहा है। महबूब के राजद में शामिल होने से सहरसा, खगड़िया जिलों में राजद को फायदा मिलेगा। इस बार खगड़िया सीट सीपीएम के हिस्से में है, जहां से इसके प्रत्याशी हैं संजय कुमार।

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लोजपा में चिराग पासवान ने जिस प्रकार टिकटों का बंटवारा किया है, उससे उनकी पार्टी में भारी नाराजगी देखी जा रही है। 3 अप्रैल को पार्टी के 22 नेताओं ने एकसाथ पार्टी छोड़ दी थी। अब पशुपति कुमार पारस खेमे भी बिखराव शुरू हो गया है। चौधरी महबूब अली कैसर के राजद में शामिल होने का अर्थ है कि लोकसभा चुनाव से पहले ही लोजपा के दोनों गुटों में बिखराव। इसका फायदा राजद को मिला है।

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