द्रौपदी मुर्मू के नामांकन में ललन सिंह, RCP की बढ़ गई परेशानी

द्रौपदी मुर्मू के नामांकन में ललन सिंह, RCP की बढ़ गई परेशानी

राष्ट्रपति पद के लिए NDA की तरफ से पीएम की उपस्थिति में द्रौपदी मुर्मू ने नामांकन कर दिया। पीएम की एक कुर्सी के बाद ललन सिंह बैठे थे। RCP की बढ़ गई परेशानी।

आज केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की परेशानी बढ़ गई। कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी मंत्री पद बरकरार रहने के आसार लगभग समाप्त गए। आज राष्ट्रपति पद के लिए द्रौपदी मुर्मू ने नामांकन कर दिया। उस वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बगल में जेपी नड्डा थे और उसके बाद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह बैठे थे। प्रधानमंत्री के बिल्कुल करीब। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फोन करके मुर्मू के लिए समर्थन मांग चुके थे। इस नए घटनाक्रम से आरसीपी सिंह की रही-सही आस भी खत्म हो गई।

आरसीपी सिंह का कार्यकाल 7 जुलाई को समाप्त हो रहा है। राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को है। साफ है कि आरसीपी सिंह को 7 जुलाई को पद छोड़ना पड़ेगा। ऐसा इसलिए कि प्रधानमंत्री मोदी आरसीपी को मंत्री पद पर जारी रखकर नीतीश कुमार को नाराज करने का खतरा नहीं ले सकते। अगर 7 जुलाई के बाद भी आरसीपी सिंह मंत्री रहेंगे, तो साफ है कि राष्ट्रपति चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में खटास बढ़ जाएगी, जो प्रधानमंत्री फिलहाल नहीं चाहेंगे।

सात जुलाई को आरसीपी सिंह की बिदाई करके भाजपा नेतृत्व नीतीश कुमार को सकारात्मक संदेश देना चाहेगा, ताकि राष्ट्रपति चुनाव से पहले कोई बिघ्न-बाधा उपस्थित न हो या जनता में कोई गलत मैसेज न जाए।

सचमुच, किसी के बुरे दिन आते हैं, तो हर तरफ से बुरा ही बुरा होता है। अगर राष्ट्रपति चुनाव 7 जुलाई से पहले हो जाता, तो आरसीपी के लिए कुछ सुखद सोचना आसान होता, पर फिलहाल उनके लिए सबकुछ उल्टा हो रहा है। बिहार में उनके समर्थक भी एक-एक करके मुख्य धारा में लौट चुके हैं।

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