इधर मणिपुर पर बोले PM, उधर ब्रजभूषण को बेल, गुरमीत को पेरोल

इधर मणिपुर पर बोले PM, उधर ब्रजभूषण को बेल, गुरमीत को पेरोल

इधर मणिपुर पर बोले PM, उधर ब्रजभूषण को बेल, गुरमीत को पेरोल। ब्रजभूषण को बेल का दिल्ली पुलिस ने नहीं किया विरोध। गुरमीत के पेरोल को BJP सरकार ने स्वीकारा।

आज एक साथ तीन घटनाएं हुईं। मणिपुर पिछले 78 दिनों से जल रहा है। दो आदिवासी महिलाओं को नंगा करने की घटना का वीडियो देश देख रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया दिखाया, तब मजबूरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार मणिपुर पर बयान दिया। इसी समय दूसरी घटना हुई कि दिल्ली की एक अदालत ने भाजपा सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह को जमानत दे दी। खास बात यह कि भाजपा सांसद की जमानत का दिल्ली पुलिस ने विरोध ही नहीं किया। जबकि उन पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज है। गुरुवार को ही एक तीसरी बड़ी घटना हुई। अपनी शिष्याओं के साथ दुष्कर्म करने के अपराध में सजायाफ्ता गुरमीत राम-रहीम को सातवीं बार पेरोल मिल गया है। उन्हें एक महीने के परेरोल पर छोड़ा जाएगा। हरियाणा की भाजपा सरकार ने राम रहीम को एक महीने के पेरोल पर छोड़े जाने को स्वीकार कर लिया।

प्रधानमंत्री मोदी महिला सम्मान की बात करते हैं, सभी राज्य सरकारों से महिला उत्पीड़न की घटना के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील करते हैं और आज ही उन्ही की सरकार हरियाणा में दुष्कर्म के सजायाफ्ता को पेरोल पर छोड़ रही है और उन्ही के अधीन दिल्ली पुलिस ने ब्रजभूषण सिंह की जमानत का विरोध तक नहीं किया।

अगर यौन उत्पीड़न के आरोपी की जमानत का पुलिस विरोध नहीं करेगी, भाजपा सरकार दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए गए राम रहीम को पेरोल पर छोड़ेगी, तो बेटी बचाओ का क्या मतलब रह जाता है। महिला सम्मान की रक्षा आखिर कैसे होगी।

जदयू ने इन तीन घटनाओं पर कहा-आज की इन खबरों पर गौर कीजिए फिर तय कीजिए कि देश सुरक्षित हाथों में है या फिर नारी स्वाभिमान को तार-तार करने वाले लोकतंत्र के लुटेरों के हाथ में है?

– मणिपुर में महिलाओं से बर्बरता

– ब्रजभूषण सिंह को ज़मानत

-गुरमीत राम रहीम को सातवीं बार पेरोल

इन घटनाओं से पीड़ित महिलाओं का दर्द बढ़ना तय है। जिन महिलाओं के साथ उत्पीड़न हुआ, उन्हें हरियाणा सरकार के फैसले और दिल्ली पुलिस की भूमिका से निराश होना तय है।

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