जाति जनगणना मप्र चुनाव में बन गया मुद्दा, भाजपा में हड़कंंप

जाति जनगणना मप्र चुनाव में बन गया मुद्दा, भाजपा में हड़कंंप

जाति जनगणना मप्र चुनाव में बन गया मुद्दा, भाजपा में हड़कंंप। तीन केंद्रीय मंत्रियों को बनाया प्रत्याशी। पीएम ने 51 मिनट में 44 बार कांग्रेस का नाम लिया।

भाजपा ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। लिस्ट भाजपा का जोश दिखाने के बजाय उसकी पस्ती दिखा रही है। पार्टी ने अपने तीन केंद्रीय मंत्रियों को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए भेज दिया। इससे दो बातें साफ देखी जा सकती हैं कि भाजपा के पास कांग्रेस को टक्कर देने लायक नेताओं की कमी हो गई है, इसीलिए वह अब केंद्रीय मंत्रियों को दिल्ली छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ने भेज रही है। जिन सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों को विधानसभा चुनाव लड़ने भेजा गया है उनमें अधिकतर पिछड़ी जाति के हैं। माना जा रहा है कि मप्र चुनाव में जाति जनगणना और महिला आरक्षण के भीतर पिछड़ी जाति के लिए आरक्षण की मांग नीचे तक पहुंच गई है। इसके साथ ही यह भी संदेश नीचे तक गया कि जब भाजपा ने अपने तीन-तीन केंद्रीय मंत्रियों को विधानसभा चुनाव में उतार दिया, तो मुख्यमंत्री शिराज सिंह चौहान तो गए।

भाजपा की दूसरी लिस्ट में जिन तीन केंद्रीय मंत्रियों को टिकट दिया गया है वे हैं नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते। मप्र से पांच केंद्रीय मंत्री हैं, जिनमें तीन को विधानसभा चुनाव में भेज दिया गया है। इनके अलावा दो केंद्रीय मंत्री हैं विरेंद्र सिंह खटिक और ज्योतिरादित्य सिंधिया। इनमें सिंधिया पहले ही साइड लाइन किए जा चुके हैं। खटिक की पार्टी में खास पूछ नहीं है।

मध्य प्रदेश में एक आदिवासी के मुंह पर पेशाब करने वाले विधायक प्रतिनिधि के विधायक केदारनाथ शुक्ला का टिकट भी कट गया है। यहां से पार्टी ने भाजपा की दो बार की सांसद रीति पाठक को टिकट दिया है।

एक दिन पहले सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश में चुनावी सभा की, जिसमें वे 51 मिनट में 44 बार कांग्रेस का नाम लेते देखे गए। इसे भी भाजपा की पस्तहाली माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने एक बार भी अपने मुख्यमंत्री चौहान का नाम नहीं लिया और न ही उनकी किसी योजना का नाम लिया। खूब प्रचारित लाडली बहन योजना तक की चर्ची नहीं की। इसे मामा से प्रधानमंत्री की नाराजगी माना जा रहा है। भाजपा में गुटबाजी अब किसी से छिपी नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी का पूरा जोर खुद पर था। उन्होंने कहा कि मोदी मतलब गारंटी।

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