मंत्री की नहीं सुननेवाले पाठक ने नीतीश पर भी तरेरी आंखें, अब खैर नहीं

मंत्री की नहीं सुननेवाले पाठक ने नीतीश पर भी तरेरी आंखें, अब खैर नहीं। केके पाठक के व्यवहार पर विधान परिषद में हंगामा। सभापति ने लिया संज्ञान।

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। आज उनके व्यवहार से नाराज सदस्यों ने मामला उठाया। पहले पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मामला उठाया। फिर सत्ता के पक्ष के भाजपा के सदस्य शाहनवाज हुसैन ने भी केके पाठक के व्यवहार को अपमानजनक बताया। इसके बाद सभापति ने संज्ञान लिया कि वे खुद इस मामले को देखेंगे। इस संदर्भ में एक वीडियो दिखाने की बात हुई। जदयू सदस्यों ने कहा कि वीडियो को सदन में न दिखा जाए। सभापति के कक्ष में दिखाया जाए। जिन सदस्यों को वह वीडियो देखना हो, वे सभापति के कक्ष में देख सकते हैं।

मालूम हो कि राज्य के स्कूलों की समयावधि को लेकर कई सदस्यों ने केके पाठक के आदेश को गलत बताया था। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा सदस्यों से कहा था कि शांत हो जाइए। हम देखेंगे। लेकिन दूसरे दिन ही केके पाठक ने मुख्यमंत्री के आश्वासन को भी धता बताते हुए आदेश जारी कर दिया, जिसमें स्कूल नौ बजे से पांच बजे तक खुले रहेंगे। इस आदेश के बाद आज बुधवार को फिर विधान परिषद में केके पाठक का मामला गरमाया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को सदन में कहा कि नौ बजे से स्कूल नहीं चलेगा। दस बजे से स्कूल चलेगा। उसे 10 मिनट पहले बच्चों को स्कूल में आ जना होगा। टीचर को भी 15 मिनट पहले स्कूल आ जाना होगा, तभी दस बजे से क्लास चल पाएगा। याद रहे केके पाठक ने पिछले मंत्री चंद्रशेखर को भी महत्व नहीं दिया था, लेकिन तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्री का पक्ष सुनने के बजाय अधिकारी के साथ खड़े रहे। जदयू के नेता भी केके पाठक का बचाव करते रहे। अब केके पाठक खुद मुख्यमंत्री और सत्ता पक्ष के लिए सिरदर्द बन गए हैं।

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