3 मार्च को महागठबंधन की महारैली, राहुल-तेजस्वी करेंगे संबोधित

3 मार्च को महागठबंधन की महारैली, राहुल-तेजस्वी करेंगे संबोधित। पटना में होगी जन विश्वास महारैली। राजद, कांग्रेस और वामदलों ने किया एलान।

महागठबंधन के सभी दलों के नेताओं की संयुक्त बैठक राजद कार्यालय, पटना में राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. अखिलेश प्रसाद सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कृपानाथ पाठक, भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य काॅमरेड मीना तिवारी, वरिष्ठ नेता के. डी. यादव, अभ्युदय, सीपीआई के राज्य सचिव काॅ. रामनरेश पाण्डेय, सीपीआई नेता जानकी पासवान, रामबाबू कुमार, सीपीआई (एम) के सर्वोदय शर्मा, अरूण कुमार, राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुलबारी सिद्दिकी, राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक, भोला यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष वृषिण पटेल, प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू की उपस्थिति में बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लोकतंत्र एवं संविधान बचाने के लिए दिनांक 03 मार्च, 2024 को पटना के गांधी मैदान में ‘‘जन विश्वास महारैली’’ आयोजित किया जायेगा।

महारैली को राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, भाकपा माले के काॅ. दीपांकर भट्टाचार्या, सीपीआई के काॅ. डी. राजा, सीपीआई (एम) के काॅ. सीताराम येच्यूरी सहित सभी दलों के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे।

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि 17 महीने बनाम 17 साल के कार्यों के साथ-साथ बिहार में हुए जातीय गणना, आरक्षण की व्यवस्था को 75 प्रतिशत किये जाने सहित निम्नलिखित मुद्दों पर रैली में चर्चा की जायेगी। चार लाख से अधिक युवाओं को नौकरी। किसानों के उत्पादों की बिक्री के लिए मंडी व्यवस्था की पुर्नबहाली एवं एम.एस.पी. को कानूनी प्रावधान की मांग। 94.35 लाख गरीबों को दो-दो लाख रूपये दिया जाना। 35.42 लाख परिवारों को घर बनाने के लिए 1.20 लाख रूपया दिलाने एवं सभी गृहविहीनों को घर दिलाने एवं बिना वैकल्पिक व्यवस्था के घरों बस्तियों के उजाड़ने पर रोक। वर्षों से लंबित मांग नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिये जाने का निर्णय। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नीव रखने तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षकों की नियुक्ति किये जाने। स्वास्थ्य सेवाओं में अप्रत्याशित सुधार के साथ-साथ एक लाख पैंतीस हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी की बहाली प्रक्रिया को अंतिम चरण तक पहुंचाने का निर्णय। शहरो में वाटर ड्रेनेज व्यवस्था किया गया। सड़कों, पुलों, बायपास एवं ग्रामीण सड़कों का निर्माण कराया जाना। खेल में मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना लागू किया। बिहार में प्रथम बार टूरिज्म पाॅलिसी, स्पोर्टस पाॅलिसी और आईटी पाॅलिसी लाया। आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय बढ़ाया। 76 हजार से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति दिलाने का काम किया। ममता और आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि बढ़ाने के लिए पहल की। विकास और निवेश के बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया। पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ावा दिया। साथ ही जनता के हितो में विकास कार्यों को महागठबंधन सरकार ने हर स्तर पर आगे बढ़ाया।

बिहार में विकास, नौकरी, रोजगार, आरक्षण व्यवस्था में बढ़ोतरी तथा जातीय गणना के बाद से हीं कहीं न कहीं साजिश शुरू हुई और जिन लोगों ने सत्ता प्राप्ति के लिए लोभ की राजनीति को बढ़ावा दिया उन्हीं लोगों ने इस तरह का माहौल बनाया और कहीं न कहीं बिहार में महागठबंधन सरकार को हटाने में अपनी भूमिका अदा की। बिहार तथा देश में महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न को रोकने के लिए मुकम्मल कानून बनाया जाने, महंगाई रोकने, रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को कम करने तथा लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए महागठबंधन के द्वारा ‘‘जन विश्वास महारैली’’ पटना के गांधी मैदान में 03 मार्च, 2024 को आयोजित किया जायेगा।

इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, चितरंजन गगन, मृत्युंजय तिवारी, सारिका पासवान, मधु मंजरी, पूर्व विधायक दीनानाथ सिंह यादव, प्रदेश महासचिव प्रमोद कुमार राम सहित अन्य गणमान्य नेतागण उपस्थित थे।

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