लोकतंत्र की जननी? फिर 49 MP सस्पेंड, कुल 141 को किया बाहर

लोकतंत्र की जननी? फिर 49 MP सस्पेंड, कुल 141 को किया बाहर

लोकतंत्र की जननी? फिर 49 MP सस्पेंड, कुल 141 को किया बाहर। आज वरिष्ठ सांसद फारुख अब्दुल्ला, शशि थरूर, डिंपल यादव को भी कर दिया सस्पेंड।

क्या भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यही नया भारत है? आज मंगलवार को फिर 49 सासंदों को सदन से निलंबित कर दिया गया। इनमें 86 साल के फारुख अब्दुल्ला भी हैं, पता नहीं वे किस तरह हंगामा कर रहे थे। कांग्रेस के नेता शशि थरूर, सपा सांसद डिंपल यादव कभी उत्तोजित होकर भी नहीं बोलते, लेकिन इन्हें भी सदन से सस्पेंड कर दिया गया है। एनसीपी नेता सुप्रीया सुले, कांग्रेस के कीर्ति चिदंबरम, बसपा से बाहर कर दिए गए लोकसभा सदस्य दानिश अली भी सस्पेंड होने वाले सांसदों में शामिल हैं। अब तक कुल 141 सांसदों को बाहर कर दिया जा चुका है।

इतने बड़े पैमाने पर विपक्षी सांसदों को सदन से बाहर करने पर लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब भी हम भारत को लोकतंत्र की जननी कहेंगे? चारों तरफ से मोदी सरकार की आलोचना हो रही है, लेकिन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आकर संसद की सुरक्ष में चूक पर दो लाइन बोलने को तैयार नहीं हैं।

इस बीच सस्पेंड किए गए सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। राज्यसभा और लोकसभा के स्पीकर की मिमिक्री की। इस मिमिक्री को गोदी मीडिया के सारे पत्रकार मुद्दा बना रहे हैं, पर कोई यह पूछने की हिम्मत नहीं कर रहा है कि गृहमंत्री को सदन में आकर जवाब देने में क्या जाता है। कार्टूनिस्ट मंजुल ने लिखा-धनकड़ जी, आप भारत के 16वें उपराष्ट्रपति हैं। कभी सोचकर देखिये कि आपसे पहले वाले 15 की कभी किसी ने मिमिक्री क्यों नहीं की। आपको गिरावट की सीमा का जवाब मिल जाएगा।

सोशल मीडिया पर 141 सांसदों को सस्पेंड किए जाने के खिलाफ लोग लगातर लिख रहे हैं। पत्रकार अजीत अंजुम ने कहा कि ये अमृत काल की संसद है आज़ाद भारत में संसद से विपक्ष को सस्पेंड करने का रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि अपने कर्मों पर, अपने कुकृत्यों पर पर्दा डालने के लिए विपक्षी सांसदों का निलंबन करके लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं तथा समर्थकों ने भी ऐसी ही प्रततिक्रिया दी है। लोग पूछ रहे हैं कि डिंपल यादव हमेशा सौम्य तरीके से अपनी बात रखती हैं, उन्हें क्यों निकाला। कई लोग आशंका जता रहे हैं कि इतनी बड़ी संख्या में सदस्यों को सस्पेंड करने के पीछे भाजपा की कोई खास योजना हो सकती है। संभव है कोई खतरनाक बिल पास करा लिया जाए।

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