महाराष्ट्र से तमिलनाडु तक अचानक क्यों छा गए जीतन राम मांझी

महाराष्ट्र से तमिलनाडु तक अचानक क्यों छा गए जीतन राम मांझी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी आज बिहार से ज्यादा महाराष्ट्र और सभी दक्षिण भारत के अखबारों, डिजिटल मीडिया में छा गए हैं। ये है वजह-

हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी महाराष्ट्र से लेकर सभी दक्षिण भारतीय राज्यों में अचानक छा गए हैं। उनके एक बयान से बवाल हो गया। उन्होंने कहा कि वह राम को भगवान नहीं मानते। राम काल्पनिक पात्र हैं। उन्होंने कहा कि राम ने शबरी का जूठा खाया था, आज हमारा जूठा खाकर दिखाइए। आज वे हमारा जूठा नहीं खाते।

जीतनराम मांझी के इस बयान की चर्चा सारे नेशनल मीडिया में है, पर खास बात यह कि उनके इस बयान को महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल के अखबारों से लेकर डिजिटल मीडिया में जबरदस्त चर्चा है। महाराष्ट्र में बौद्ध धर्म का काफी प्रभाव है। मालूम हो कि बुद्ध ने किसी ईश्वर की बात नहीं की।

तमिलनाडु का दैनिक अखबार है दीना थंथी। इसने जीतनराम मांझी की बड़ी तस्वीर लगाकर खबर प्रकाशित की है। इसी तरह वन इंडिया तमिल ने भी मांझी की तस्वीर के साथ खबर प्रकाशित की है। चेन्नई के एचडब्ल्यू इंगलिश न्यूज, तमिल द हिंदू, आंध्र प्रदेश का एशिया नेट न्यूज तेलुगु, महाराष्ट्र के लोकमत में भी जीतन राम मांझी छाए हुए हैं। यह लिस्ट लंबी है।

इसके साथ ही यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि भाजपा की आलोचना करने के कारण वीआईपी के प्रमुख मुकेश सहनी को बिहार के मंत्री पद से हटा दिया गया। उन्हें भाजपा के दबाव पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बरखास्त किया था। लेकिन जीतन राम मांजी के मामले में भाजपा और जदयू वही रुख नहीं अपना सकते। जीतनराम मांझी पहले भी ब्राह्मणवाद के खिलाफ खुल कर बोलते रहे हैं, पर भाजपा उनका कुछ बिगाड़ नहीं सकी। इस बार भी भाजपा शायद ही उनका कुछ बिगाड़ सके।

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