राष्ट्रीय जनता दल के राज्य कार्यालय के कर्पूरी सभागार में आज इंडिया गठबंधन के नेताओं की संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राजद के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता प्रो मनोज कुमार झा ने कहा कि बिहार में एग्जिट पोल हमेशा फेल रहा है, जो लोग एग्जिट पोल पर उत्साह मना रहा है उन्हें निराशा हाथ लगेगी। एग्जिट पोल में उन्हें उनका उत्साह मुबारक हो जो खर्च को बढ़ाकर सभी को खुश करने में लगे हुए हैं ।

इन्होंने संवाददाताओं को बताया कि आज चुनाव आयोग से इंडिया गठबंधन के नेताओं का शिष्टमंडल मिला है। और मांग की है कि सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाए। 2020 के चुनाव की तरह बाद में गिनती नहीं हो। इस बार अगर ऐसा हुआ तो जनता की ओर से प्रतिकार होगा। इन्होंने कहा कि पोस्टल बैलेट बदलाव का प्रतीक है। हर चरण की मतगणना के बाद सभी उम्मीदवारों के आंकड़े आने के बाद उनके संतुष्टि होने पर ही अगले राउंड की गिनती की जाए। साथ ही गिनती से पूर्व 17 सी उम्मीदवारों को उपलब्ध कराई जाए या फिर ईवीएम की तस्वीर खींचने की इजाजत दी जाए, ताकि परिणाम के पहले जो विसंगतियों हो उसको दूर करने पर चर्चा हो। हर राउंड के बाद अगर कोई दिक्कत हो तो उसके संबंध में उम्मीदवार की बातों को सुनी जाए। इस बार अगर किसी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात हुई है, तो जनता की निगाह उसपर बनी रहेगी। काउंटिंग एजेंट जब तक सभी विवरणी को इकट्ठा न कर ले तब तक आगे की गिनती के राउंड को नहीं बढ़ाया जाए।

इन्होंने कहा कि 2020 के बिहार विधानसभा के चुनाव का परिणाम इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। और पहले की कार्यशैली से सभी लोग वाकिफ हैं, हम उम्मीद करते हैं कि संविधान के मुताबिक ही कार्य किया जाएगा।

इन्होंने सूरत की घटना तथा चंडीगढ़ मेयर के मामले को नजीर के रूप में रखते हुए कहा कि देश और बिहार के अवाम कैसे विश्वास करें, यह विश्वास चुनाव आयोग को दिखाना होगा।

प्रो मनोज कुमार झा ने आगे कहा कि सभी ने देखा कि तेजस्वी जी के नौकरी, आरक्षण, महंगाई और आमजन के हितों में जो सवाल और मुद्दे को  उठाया उस पर बिहार के लोगों ने समर्थन और विश्वास जताया और इंडिया गठबंधन के साथ लोग खड़े रहे। जबकि प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया उससे यह स्पष्ट हो गया कि वह जनता के मुद्दे पर चुनाव नहीं लड़ रहे थे और कहीं ना कहीं एजेंडा की राजनीति के तहत वैसी भाषा इस्तेमाल कर रहे थे जिसे बिहार और देश की जनता ने उनकी सभाओं में ही उनको स्पष्ट संकेत दे दिया कि उनके नेतृत्व पर आम लोगों का विश्वास नहीं रहा, क्योंकि 10 सालों मे केंद्र सरकार के कोई उपलब्धियों या कार्यों और जनता के मुद्दे पर कोई बात नहीं की गई। इसी कारण प्रधानमंत्री बेचैनी में बौखलाहट वाली भाषा बोल रहे थे। एग्जिट पॉल के आंकड़े में जनता फंसने वाली नहीं है। और कल सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा की वास्तविकता क्या है। बिहार की जनता हमेशा एग्जिट पोल को नकारा है और जनता ने तेजस्वी जी के नेतृत्व को स्वीकारा है।

इस अवसर पर सीपीआई के महासचिव रामनरेश पांडेय ने कहा कि जनता का जनउभार बदलाव के पक्ष में है महागठबंधन के पक्ष में चुनाव के दौरान आंधी चल रही थी और वह स्पष्ट रूप से परिणाम में भी देखने को मिलेगा। कांग्रेस के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता श्री राजेश कुमार राठौर ने कहा कि एग्जिट पोल एक्जेक्ट परिणाम नहीं है। कई बिंदुओं पर चुनाव आयोग से बात हुई है। पोस्टल बैलट पेपर की गिनती पहले कराने पर बात हुई है।

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राजद के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि 49 डिग्री की गर्मी में घूमने वाले नेताओं पर जनता ने जिस तरह से विश्वास किया है, उसको एसी रूम में बैठकर एग्जिट पोल बनाकर जनता को भरमाने का प्रयास किया जा रहा है।  इहोंने कहा कि जो भी निर्वाची पदाधिकारी हैं, वह कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष और नियमानुसार गिनती करेंगे, ऐसा हम लोगों को विश्वास है। गिनती के समय उम्मीदवारों के साथ सभी पक्षों को संतुष्टि का आधार बने। निष्पक्ष मतगणना के बिना चुनाव का परिणाम न घोषित हो और विलंब को बहाना ना बनाया जाए।

इस अवसर पर एजाज अहमद, अजय कुमार सिंह, प्रमोद कुमार सिन्हा अरुण कुमार यादव, आरजू खान, कांग्रेस के ब्रजेश कुमार मुनन, राजद अति पिछडा प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रवक्ता उपेंद्र प्रसाद चंद्रवंशी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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By Editor


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