NDTV के बाद एक और बड़े मीडिया ग्रुप को अडानी ने खरीद लिया

NDTV के बाद एक और बड़े मीडिया ग्रुप को अडानी ने खरीद लिया।

NDTV के बाद एक और बड़े मीडिया ग्रुप को अडानी ने खरीद लिया। मीडिया पर अडानी की पकड़ हुई मजबूत। लोकसभा चुनाव से पहले इस कदम का क्या होगा असर?

कभी बेरोजगारी और महंगाई पर लगातार प्रोग्राम करने वाले एनडीटीवी पर अब अडानी ग्रुप का कब्जा है। मीडिया क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने के लिए अडानी ग्रुप ने शनिवार को एक और बड़े मीडिया ग्रुप पर कब्जा कर लिया। ग्रुप ने #IANS की 50 परसेंट से ज्यादा की हिस्सेदारी खरीद ली है। एक रेगुलैटरी फाइलिंग में अडानी एंटरप्राइजेज ने कहा कि इसकी सहायक कंपनी “एएमजी मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड ने आईएएनएस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के इक्विटी शेयरों में 50.50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली है।”

अभी तक कंपनी ने उस मूल्य का खुलासा नहीं किया है, जिस पर इस मीडिया ग्रुप को खरीदा गया। अडानी ग्रुप ने अपनी फाइलिंग में कहा कि एएमएनएल ने आईएएनएस के शेयरधारक संदीप बामजई के साथ उनके राइट्स को रिकॉर्ड करने के लिए समझौता किया। वित्तीय वर्ष 2022-23 (अप्रैल 2022 से मार्च 2023) में आईएएनएस का राजस्व 11.86 करोड़ रुपये था। इसी के साथ अडानी ग्रुप ने मीडिया सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इकोनोमिक टाइम्स ने लिखा है कि आईएएनएस का सभी परिचालन और प्रबंधन नियंत्रण एएमएनएल के पास होगा और एएमएनएल को आईएएनएस के सभी निदेशकों को नियुक्त करने का अधिकार होगा. ऊपर निर्धारित अधिग्रहण के अनुसार आईएएनएस अब एएमएनएल की सहायक कंपनी है।”

खास बात यह कि अडानी ने लोकसभा चुनाव से पहले मीडिया पर अपनी पकड़ मजबूत की है। जाहिर है इसका असर लोकसभा चुनाव में मुद्दों को गढ़ने, नैरेटिव तय करने में दिखेगा।

कल ही आईएएनएस ने खबर दी थी कि इस न्यूज एजेंसी के निदेशक तथा प्रधान संपादक संदीप बामजाई के दसवें कलिंगा फेस्टिवल में नेशनल लिविंग लिजेंड अवार्ड दिया जाएगा। अवार्ड नौ फरवरी को दिया जाएगा। अब उससे पहले ही अडानी ग्रुप द्वारा खरीदे जाने के बाद उनके प्रधान संपादक और निदेशक रहने की संभावना वगभग खत्म हो गई है।

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