‘नीतीश जाएंगे दिल्ली और जदयू का भाजपा में होगा विलय’

‘नीतीश जाएंगे दिल्ली और जदयू का भाजपा में होगा विलय’

बिहार प्रदेश भाजपा के एक बड़े नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली जाएंगे और जदयू का भाजपा में विलय होगा। पटना का राजनीतिक गलियारा गर्म हुआ।

बिहार में पछुआ हवा का असर सिर्फ मौसम पर ही नहीं राजनीति पर भी जबरदस्त दिख रहा है। दिल्ली से गर्म सूखी हवा के कारण लू का प्रकोप बढ़ा है, तो राजनीतिक हवा भी आ रही है, जिससे राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। नौकरशाही डॉट कॉम को नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर प्रदेश भाजपा के एक नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दो टूक शब्दों में कह दिया गया है कि ढाई साल हो गए, अब बिहार की कुर्सी छोड़िए और दिल्ली जाइए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आरसीपी सिंह तो हमारे साथ आ ही चुके हैं। एक-दो नेताओं को छोड़कर पूरे जदयू का भाजपा में विलय हो जाएगा। भाजपा नेता ने जो बात कही, वह पटना के राजनीतिक गलियारे में अब छिपी हुई बात नहीं रह गई है, बल्कि खुल कर चर्चा हो रहा है। बस, अभी कोई नेता आधिकारिक तौर पर बयान नहीं दे रहे हैं।

उधर, जदयू के सभी प्रमुख नेता लगातार कह रह हैं कि नीतीश कुमार 2025 तक मुख्यमंत्री रहेंगे। कल भामा शाह की जयंती पर जदयू कार्यालय में हुए कार्यक्रम में भी बड़े नेताओं ने दुहराया कि नीतीश कुमार 2025 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहेंगे। सवाल है कि जदयू के नेताओं को यह बार-बार क्यों कहना पड़ रहा है, क्या उन पर कोई दबाव दे रहा है?

भाजपा नेता ने यह भी बताया कि नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति या राष्ट्रपति बन सकते हैं। इधर बिहार जदयू के अधिकतर नेता चाहते हैं कि नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने रहें। अब निर्णय नीतीश कुमार को लेना है।

भाजपा नेता नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री आवास छोड़कर बगल के दूसरे आवास में जाने को भी अपने तर्क के साथ जोड़ रहे हैं। आवास बदलने को कुर्सी छोड़ने की प्रक्रिया का अंग मान रहे हैं। जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जीतनराम मांझी को बैठाया था, तब भी वे मुख्यमंत्री आवास छोड़कर इसी आवास में शिफ्ट हो गए थे।

उधर, आरसीपी सिंह के करीबी नेता ने कहा कि अगर पार्टी ने आरसीपी सिंह को दुबारा राज्यसभा नहीं भेजा, तो वे घर बैठने के बजाय भाजपा में जा सकते हैं। उस परिस्थिति में उनके समर्थक भी भाजपा में जाएंगे। मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पिछले दिनों लगातार नालंदा के गांवों में दौरा कर रहे थे, लेकिन आरसीपी सिंह कभी उनके साथ नहीं दिखे।

हनुमान चालीसा पड़ा भारी, सांसद पत्नी व पति का ठूसा जेल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*