नीतीश-तेजस्वी सरकार में दोगुनी हुई आरोपियों की गिरफ्तारी

नीतीश-तेजस्वी सरकार में दोगुनी हुई आरोपियों की गिरफ्तारी। बिहार पुलिस की यह उपलब्धि 2023 के पहले छह महीनों की है। एससी-एसटी एक्ट में भी अधिक गिरफ्तारी।

नीतीश कुमार-तेजस्वी यादव की सरकार में बिहार पुलिस अधिक सक्रिय हुई है। पिछले साल पहले छह महीने में सरकार में भाजपा शामिल थी। दोनों वर्ष के पहले छह महीनों में पुलिस की कार्रवाई का विश्लेषण बताता है कि इस साल पहले छह महीनों में बिहार पुलिस अधिक सक्रिय है। इस साल पहले छह महीनों में पिछले साल के छह महीनों की तुलना में दोगुनी गिरफ्तारी हुई है। एससी-एसटी एक्ट के तहत भी इस साल लगभग दोगुनी गिरफ्तारी हुई है।

बिहार पुलिस के ADG PHQ जितेंद्र सिंह गंगवार ने मंगलवार को बताया कि 2023 के पहले छह महीनों में वर्ष 2022 के पहले छह महीनों की तुलना में दोगुनी संख्या में आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इस वर्ष पहली छमाही में कुल 53, 664 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, जबकि पिछले साल पहली छमाही में 27059 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। खास बात यह कि हर कैटगरी में पुलिस ने पिछले साल की तुलना में अधिक गिरफ्तारी की है, जो बिहार पुलिस के लिए एक उपलब्धि है।

वर्ष 2022 में हत्या के मामले में पहली छमाही में 2308 आरोपितों की गिरफ्तारी हुई थी, जो इस साल की पहली छमाही में बढ़कर 2438 हो गई है। हत्या के प्रयास के मामलों में पिछले साल 5991 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी, जबकि इस साल 8458 गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस पर हमले के मामले में पिछले साल 1297 आरोपी गिरफ्तार हुए, जबकि इस साल 1594 आरोपी गिरफ्तार किए गए। अजा-अजजा अधिनियम के तहत पिछले साल 1713 गिरफ्तारी हुई, जबकि इस साल 3229 गिरफ्तारी हुई। अन्य विशेष प्रतिवेदित कांडों में पिछले साल 15680 गिरफ्तारी हुई, जो इस साल बढ़कर 37945 हो गई है।

बिहार पुलिस की इस उपलब्धि के पीछे उसका ऑपरेशन प्रहार है। ऑपरेशन प्रहार की सफलता के लिए वज्र टीम का गठन किया गया है, जिसका काम सिर्फ आरोपितों की गिरफ्तारी करना है।

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By Editor


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