दो मॉडल : बिहार में 94 हजार को नियुक्तिपत्र, यूपी में मिली लाठी

दो मॉडल : बिहार में 94 हजार को नियुक्तिपत्र, यूपी में मिली लाठी।

दो मॉडल : बिहार में 94 हजार को नियुक्तिपत्र, यूपी में मिली लाठी। पटना में सीएम नीतीश कुमार व डिप्टी सीएम ने दी नौकरी। उधर लखनऊ में अनेक अभ्यर्थी घायल।

आज देश ने शासन के दो मॉडल देखे। पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव लाखों युवकों को शिक्षक नियुक्ति का पत्र दे रहे थे और उधर भाजपा शासित उप्र में युवकों को इस भयानक ठंड में भी मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना प्रदर्शन को मजबूर होना पड़ा। ये वो शिक्षक अभ्यर्थी थे, जो 69000 शिक्षक भर्ती के अंतर्गत चयनित 6800 आरक्षित वर्ग के शिक्षक अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग कर रहे थे। पुलिस के साथ हुई नोकझोंक में कई के घायल होने की खबर है। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और बस बैठा कर उन्हें इको पार्क ले जाया गया।

इधर पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के चेहरे खिले हुए थे। यह उनके जीवन का यादगार क्षण बन गया। गांधी मैदान में शिक्षक नियुक्तिपत्र बांटे गए। शनिवार को 94 हजार शिक्षकों को नियुक्तिपत्र दिए गए। पटना में 16 जिलों के 26 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों को शिक्षक नियुक्ति पत्र दिया गया। शेष जिलों में वहां के जिलाधिकारी ने आज ही नियुक्तिपत्र दिए। याद रहे हाल में ही राज्य सरकार ने करीब सवा लाख शिक्षकों को नियुक्तिपत्र दिया है।

राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि कि मात्र 72 दिनों के अन्दर ढाई लाख ( 2.5 लाख ) नियुक्ति पत्र देकर नीतीश कुमार और तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने विश्व कीर्तिमान बना कर एक नया इतिहास रचने का काम किया है। पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान भी आज फिर एक नये इतिहास का गवाह बना जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव द्वारा छब्बीस हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया गया। ज्ञातव्य है कि बीपीएससी द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से नव चयनित 1,22,323 शिक्षकों को गत 2 नवम्बर 2023 को राजधानी पटना सहित राज्य के जिला मुख्यालयों पर नियुक्ति पत्र दिया गया था। मात्र बहत्तर दिनों के अंतराल पर इतनी बड़ी संख्या में एक साथ नियुक्ति पत्र दिए जाने का अबतक कोई इतिहास नहीं है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर राज्य भर में एक प्रकार से उत्सव का माहौल है।

उप्र में जहां वैकेंसी पर ताला लगा है, वहीं बिहार में एक के बाद एक विभाग में नियुक्ति हो रही है। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने पिछले चुनाव में जो वादा किया था, उसे तेजी से पूरा कर रहे हैं। वे जो वादा करते हैं, उससे भूलते नहीं, बल्कि वादा निभाते हैं। उधर यूपी में नौकरियों की बात नहीं हो रही, जिससे युवाओं में आक्रोश देखा जा रहा है। इसी की नतीजा है कि इतनी ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों ने लखनऊ में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार को पिछड़ा विरोधी सरकार करार दिया।

राज्य सरकार द्वारा नियुक्ति पत्र दिए जाने पर राजद, जदयू तथा महागठबंधन में शामिल अन्य दलों ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को बधाई दी है।

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