नीतियों के लिए आंकड़े जरूरी, पर आधार कार्ड के आंकड़े असुरक्षित : गोपाल कृष्ण

नीतियों के लिए आंकड़े जरूरी, पर आधार कार्ड के आंकड़े असुरक्षित : गोपाल कृष्ण

नीतियों के लिए आंकड़े जरूरी, पर आधार कार्ड के आंकड़े असुरक्षित : गोपाल कृष्ण। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर पटना में संगोष्ठी का आयोजन।

आज जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर ‘जनगणना सर्वेक्षण व कानून की यात्रा और मकसद’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी में राजनीतिक, सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ शहर के कई महत्वपूर्ण गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। इसका संचालन संस्थान के निदेशक डॉ. नरेन्द्र पाठक ने किया।

पटना हाईकोर्ट के एडवोकेट डॉ. गोपाल कृष्ण ने विषय प्रवेश करते हुए जनगणना के इतिहास को सामने रखा। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आज आधार कार्ड के जरिए हमारी एक-एक सूचना सरकार प्राप्त कर रही है। यह बहुत ही चिंताजनक है। इसका इस्तेमाल किसी जाति समूह के जनसंहार तक में हो सकता है। जैसा कि जर्मनी में हो चुका है। उन्होंने कहा कि तद्नुरूप नीतियां बनाने के लिये जनगणना बहुत जरूरी है लेकिन आंकड़ों की सुरक्षा की गारंटी होनी चाहिए। आधार कार्ड के आंकड़े कहीं से भी सुरक्षित नहीं है।

राहुल यादुका ने कहा कि जनसंख्या विस्फोट का टर्म भ्रम पैदा करता है। जनसंख्या दरअसल मानव संसाधन है। सवाल यह है कि हम इसका सही इस्तेमाल कैसे करते हैं। दलित अधिकार मंच के कपिलेश्वर राम ने जनगणना की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दलित व कमजोर वर्ग का उत्पादन के साधनों पर कितना अधिकार है इसे भी गणना में शामिल किया जाना चाहिए।

सी.पी.आई.(एम.एल.) के कुमार परवेज ने कहा कि मोदी सरकार साजिश के तहत 2021 की जनगणना नहीं करवा रही है। बिहार में जाति जनगणना रोकने के पीछे भी भाजपा का ही हाथ है। सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती मुकुद सिंह ने कहा कि जनगणना से हमें लिंग अनुपात का भी पता चलता है। हम महिलाओं और अन्य तबकों के प्रति कोई सही नीति कैसे बना पाएंगे यदि हमारे पास आंकड़े ही न हो।

बी.आई.टी., पटना की डॉ. अनामिका नंदन ने कहा कि वास्तुशास्त्र के लिए भी आंकड़ों की जरूरत है। उन्होंने पटना मेट्रो प्रोजेक्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि हमें बनावट की सही समझदारी नहीं तो हम कोई परियोजना कैसे चला सकते हैं।रिटायर्ड अधिकारी गोरे लाल यादव ने भी इस विषय पर अपनी महत्वपूर्ण विचार प्रकट किये।

अध्यक्षीय भाषण देते हुए पीयूसीएल के राज्य सचिव मो. सरफराज ने कहा कि आज सत्ता केवल हमारी सूचना एकत्रित करना चाहती है ताकि वह उसका वह किसी भी प्रकार का इस्तेमाल कर सके। जरूरत इस बात की है कि हम सरकार से सवाल पूछे।सभा में कमलेश शर्मा, बलजीत यादव, राकेश कुमार, ममीत प्रकाश, मंजीत आनंद साहू, विनय कुमार झा, डॉ. दिलीप कुमार, विजय कुमार चौधरी, आशुतोष कुमार राकेश, सौम्या, शिल्पी रवीन्द्र, साहिल राज, मंगलमूर्ति, राजकिशोर प्रसाद, सकीला खातून, अमरनाथ, सहित कई लोग उपस्थित थे।

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