पटना का वीआईपी अस्पताल माना जाने वाला पारस हास्पिटल भी अब सुरक्षित नहीं रहा। यहां गुरुवार की सुबह पांच अपराधी आराम से घुस गए और भर्ती एक मरीज को गोली मार दी। गोली मारने के बाद वे आराम से निकल गए। घटना से पूरा इलाका दहशत में है। अब आम लोग भी मान रहे हैं कि बिहार में अपराधी बेलगाम हो गए हैं। राज्य की एनडीए सरकार इस मामले में पूरी तरह फेल हो चुकी है।

सीसीटीवी कैमरे में साफ दिख रहा है कि पांच अपराधी आराम से अस्पताल में घुसे और जिसे मारना था, उसके कमरे के पास पहुंचने के बाद सभी ने अपने हथियार निकाले। फिर कुछ ही क्षण में चार अपराधी तेजी से निकले। पांचवा अपराधी थोड़ी देर में निकला और वह आराम से टहलते हुए बिहार जाता दिख रहा है। बताया गया कि गोली मारने के बाद वह अपराधी रुक कर देख रहा था कि मौत हुई या नहीं। निश्चिंत होने के बाद ही वह बाहर निकला।

घटना में मारे गए व्यक्ति का नाम चंदन निश्रा है। वह खुद भी अपराधी चरित्र का था। उस पर हत्या सहित कई संगीन मामले चल रहे हैं। वह पैरोल पर बाहर आया था।

इस बीच एडीजी  कुंदन कृष्णन के एक बयान से अलग हंगामा हो गया। उन्होंने कहा कि हर साल मई-जून में अपराध बढ़ जाता है, क्योंकि किसानों के पास काम नहीं रहता है। बाद में वे किसानी में व्यस्त हो जाते हैं, तब अपराध कम होता है।
एडीजी के बयान पर तेजस्वी यादव सहित विपक्ष के तमाम नेताओं ने विरोध जताया है। कहा कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी किसानों को ही अपराधी बता रहे हैं।

 

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