PM ने लाल किले को भी बनाया चुनावी मंच, गरजे तेजस्वी व ललन

PM ने लाल किले को भी बनाया चुनावी मंच, गरजे तेजस्वी व ललन। आजादी के बाद पहली बार किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा भाषण दिया। तेजस्वी, ललन ने क्लास लगा दी।

कुमार अनिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस और लाल किले किले को भी चुनावी मंच बना दिया। यहां भी उन्होंने विपक्ष पर हमला किया और 2024 लोकसभा चुनाव में अपनी जीत का दावा किया। ऐसा आज से पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया। लाल किले से संबोधन राष्ट्र के नाम संदेश होता रहा है, जिसे प्रधानमंत्री राष्ट्र की उपलब्धि और भविष्य के लिए कुछ ठोस कार्यक्रम, बड़ी योजना की घोषणा करते रहे हैं। पूरे राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने की बात करते रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने उस परंपरा को तोड़ कर इसे चुनावी मंच बना दिया।

उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर कहा कि वे 2024 लोकसभा चुनाव में हार रहे हैं, इस भय से पीड़ित हो गए हैं। उन्होंने बिना नाम लिये उन्हें जुमलेबाज तककहा। तेजस्वी यादव ने कहा कि-देश को अब आज़ादी चाहिए:- जुमलेबाज़ों से, फ़र्ज़ी प्रचारों से, झूठ फैलाने वालों से, लंबे उबाऊ भाषणों से, मज़दूर की मजबूरियों से, ग़रीब विरोधी नीतियों से, महँगाई फैलाने वालों से, बेरोज़गारी बढ़ाने वालों से, अन्याय और अन्यायियों से, सरकार की कमज़ोरियों से, कुशासन की परेशानियों से, षड्यंत्र और षड्यंत्रकारियों से, अत्याचार और अत्याचारियों से, जनता को गुमराह करने वालों से, नफ़रत और नफ़रत फैलाने वालों से, पूँजीपतियों के आगे नतमस्तक शासन से।

उधर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री किस मुंह से भ्रष्टाचार से लड़ने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी, भ्रष्टाचार पर बोलते समय आप महाराष्ट्र, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में बीजेपी और अपने सहयोगी दलों के नेताओं के ऊपर कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं। अपनी पार्टी के परिवारवाद पर आप क्यों चुप्पी साध लेते हैं? वैसे, 2024 में विदाई है आपकी।

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