पूर्णिया-किशनगंज से ही शाह 2024 की तैयारी क्यों शुरू कर रहे

पूर्णिया-किशनगंज से ही शाह 2024 की तैयारी क्यों शुरू कर रहे

गृह मंत्री अमित शाह अगले महीने पूर्णिया-किशनगंज से 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू करेंगे। क्या होगा एजेंडा और कैसे निबटेगा महागठबंधन?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अगले महीने 2024 लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू करने के लिए बिहार आ रहे हैं। वे अगले डेढ़ साल तक के लिए भाजपा का एजेंडा भी सेट कर देंगे। अमित शाह दो दिनों तक बिहार के सीमांचल में रहेंगे। वे पूर्णिया और किशनगंज में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाह 23 सितंबर को पूर्णिया में सीमांचल के 11 जिलों के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। अगले दिन 24 सितंबर को वे किशनगंज में रैली को संबोधित करेंगे।

बिहार के सीमांचल के जिलों में मुस्लिम आबादी अपेक्षाकृत अधिक है। 15-17 साल पहले लालू राज में भाजपा इन जिलों में विदेशी घुसपैठ का मुद्दा जोर-शोर से उठाती थी। 2005 में वह खुद जदयू के साथ सत्ता में आ गई, तो विदेशी घुसपैठ का मुद्दा उसने छोड़ दिया। अब फिर वह विपक्ष में है। स्थिति यह है कि महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मुद्दे उठाने में उंगली खुद उसकी तरफ उठ जाएगी। लोग पूछेंगे कि आपने 15 वर्षों में क्या किया। इसलिए भाजपा के लिए विदेशी घुसपैठ, जनसंख्या नियंत्रण कानून, समान नागरिक कानून जैसे उसके पुराने मुद्दे फिर से बाहर आ सकते हैं।

भाजपा एनआरसी और सीएए का मुद्दा भी बंगाल और असम में उठा चुकी है। संभव है सीमांचल में ये मुद्दा भी उठे। अब बड़ा सवाल यह है कि महागठबंधन भाजपा के मुद्दों का कैसे जवाब देता है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई मुद्दों पर अपनी स्थिति साफ कर चुके हैं। वे भाजपा के साथ रहते हुए जनसंख्या नियंत्रण कानून तथा एनआरसी से असहमति जता चुके हैं। लेकिन यह देखना बाकी है कि महागठबंधन भाजपा की हिंदुत्व की राजनीति का किस प्रकार मुकाबला करती है। क्या वह रोजगार, शिक्षा के क्षेत्र सहित जनता के मुद्दों पर जोर देगी तथा साथ में जातीय जनगणना पर भाजपा की बेरुखी को भी मुद्दा बनाएगा!

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