बिहार में अब सचमुच 6 दिन बाद ‘कुछ बड़ा’ होगा, BJP के होश उड़े

बिहार में अब सचमुच 6 दिन बाद ‘कुछ बड़ा’ होगा, BJP के होश उड़े

बिहार में अब सचमुच 6 दिन बाद ‘कुछ बड़ा’ होगा, BJP के होश उड़े। भाजपा और पालतू मीडिया का शिगूफा हर बार फर्जी साबित हुआ। जानिए नीतीश-तेजस्वी का नया प्लान।

भाजपा के नेता और पालतू मीडिया हर हफ्ते बिहार में कुछ बड़ा होने का शिगूफा छोड़ते रहे, लेकिन हर बार वह फुस्स साबित होता रहा। लेकिऩ अब जो खबर आ रही है उसमें सचमुच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ‘कुछ बड़ा’ करने जा रहे हैं। दोनों ने मिल कर ऐसी प्लान बनाई है, जो भाजपा की जमीन खिसका सकती है।

खबर यह है कि 30 जनवरी शहीद दिवस के अवसर पर राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के साथ बिहार में प्रवेश करेंगे। पूर्णिया में एक विशाल सभा करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस सभा को पहली बार राहुल गांधी, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव एक ही मंच से संबोधित करेंगे। इंडियान एक्सप्रेस की खबर की अनुसार नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव ने अपनी सहमति दे दी है। इसी के साथ राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज हो गई है। तीनों नेता जब एक मंच पर होंगे और भाजपा पर हमला करेंगे, तो उसके बाद माना जा रहा है कि इंडिया गठबंधन के पक्ष में जबरदस्त हवा बन सकती है। इस सभा से पिछड़ों, दलितों, अतिपिछड़ों तथा अल्पसंख्यकों के बड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। जाति जनगणना, हर गरीब को दो लाख रुपए रोजगार के लिए देने और दो महीने में दो लाख से ज्यादा युवकों को नौकरी देने की बात होगी, वहीं इन्हीं मुद्दों पर भाजपा को घेरने की तैयारी है। प्रधानमंत्री ने दो करोड़ नौकरी देने का वादा पूरा नहीं किया। भाजपा ने जाति गणना का विरोध किया।

राहुल गांधी, नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव का एक मंच पर आना न सिर्फ बिहार में राजनीतिक गोलबंदी को बढ़ाएगा, बल्कि देशभर में भाजपा विरोधी दलों में जोश भरेगा। अबतक पालतू मीडिया हर हफ्ते खबर उड़ाता था कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ जाने वाले हैं। अब इस नई खबर से उसका प्रचार पूरी तरह धवस्त हो गया है। तीनों के साथ आने का मतलब है कि राममंदिर जैसे भावनात्मक मुद्दे के बजाय जनता के रोजी-रोटी पर चर्चा छिड़ेगी और भाजपा के लिए यही परेशान करने वाला सवाल है। वह नहीं चाहती कि आम आदमी के मुद्दों पर बात हो।

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