RJD ने सुधाकर को थमाया नोटिस, BJP समर्थकों की उम्मीद टूटी
RJD ने अपने विधायक सुधाकर सिंह को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। तत्काल इससे भाजपा समर्थकों की एक उम्मीद टूट गई। महागठबंधन का विवाद कम हुआ।
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किसी भाजपा समर्थक से मिलिए, तो उसका पहला सवाल यही होता है कि सरकार चलेगी? लगता नहीं है कि चलेगी। जदयू और राजद में घमासान चल रहा है। इस बीच बुधवार को राजद ने अपने विधायक सुधाकर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। पूछा है कि आप महागठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं, क्यों नहीं आपके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
राजद के इस नोटिस का तत्काल असर यह पड़ा है कि जो लोग उम्मीद कर रहे थे कि जदयू और राजद के बीच तू-तू मैं मैं के कारण महागठबंधन सरकार गिर जाएगी या सरकार बदलने वाली है, इसीलिए उसकी भूमिका तैयार की जा रही है। भाजपा के एक बड़े नेता ने यह भी कहा था कि तेजस्वी यादव ही सुधाकर सिंह से बोलवा रहे हैं। उनका यह आकलन भी गलत हो गया है।
मीडिया से मिल रही जानकारी के अनुसार सुधाकर सिंह को राजद के वरिष्ठ नेता सिद्दीकी ने नोटिस जारी किया है। सुधाकर सिंह लगातार मीडिया से बात करते रहे हैं। उन्होंने माना कि उन्हें नोटिस मिला है। सुधाकर सिंह ने मीडिया से यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी के खिलाफ काम नहीं किया है। सिस्टम पर सवाल किया है। कहा कि लिखित जवाब देंगे। हालांकि तब भी वे इस बात का संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को क्यों कटघरे में खड़ा किया और क्या सरकार के प्रमुख को कटघरे में खड़ा करना महागठबंधन विधायक के लिए उचित है।
इधर, राजद के कई नेताओं ने सुधाकर सिंह को नोटिस भेजे जाने पर संतोष जताया है। माना जा रहा है कि जवाब संतोषजनक नहीं होने पर राजद बड़ी कार्रवाई कर सकता है। नोटिस का जवाब 15 दिनों में देनो कहा गया है। नोटिस में महागठबंधन सरकार के खिलाफ काम करने, राजद की प्रतिष्ठा कम करने, महागठबंधन धर्म का उल्लंघन करने जैसे आरोपों पर जवाब मांगा गया है।
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