साल के पहले दिन कविता और स्वरा भास्कर के पीछे पड़ा गालीगैंग

साल के पहले दिन कविता और स्वरा भास्कर के पीछे पड़ा गालीगैंग

इंडियन एक्सप्रेस के विज्ञापन को मुस्लिम विरोधी कहने पर एक्टिविस्ट कविता कृष्णन व अभिनेत्री स्वरा भास्कर के खिलाफ ट्विटर पर खूब अनाश-शनाप लिखा जा रहा है।

वर्ष 2022 का आज पहला दिन है। पहले दिन ही इंडियन एक्सप्रेस के पहले पन्ने पर खबरों से ऊपर प्रधानमंत्री मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विज्ञापन छपा है। नीचे का आधा पन्ना भी विज्ञापन है। यह उप्र की योगी सरकार का विज्ञापन है, जिसमें एक व्यक्ति के दो चित्र हैं। एक में वह गले में चेक गमछा लपेटे हाथ में बोतल पकड़े है, जिससे आग निकल रही है। ऊपर लिखा है 2017 से पहले। उसी व्यक्ति के दूसरे फोटो के ऊपर वर्ष 1017 के बाद लिखा है, जिसमें वह माफी मांग रहा है। इस विज्ञापन को आप भी गौर से देखिए।

विज्ञापन को वामपंथी महिला नेता कविता कृष्णन ने इस्लामोफोबिक बताया। फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी इस विज्ञापन पर सवाल उठाया। उसके बाद पूरी ट्रोल आर्मी कविता और भास्कर के पीछे पड़ गई। सोशल मीडिया में खासकर कविता कृष्णन के निशाना बनाया जा रहा है। उल्टे कविता को ही इस्लामोफोबिक कहा जा रहा है। हरिद्वार से जो नफरत की हवा चली, वह आज कविता के खिलाफ भी देखी जा सकती है।

अभी तक देश के प्रमुख नेताओं, हस्तियों ने इस बवाल पर कुछ नहीं कहा है। कविता और स्वरा भास्कर दोनों के खिलाफ जहर उगला जा रहा है। ट्विटर पर Kavita और#Islamophobic ट्रेंड कर रहा है। कविता ने ट्वीट किया- @rajkamaljha – यह विज्ञापन जो @IndianExpress के पहले पन्ने पर छपा है, इसे गौर से देखिए। यह बड़ा इस्लामोफोबिक विज्ञापन है, जिसे यूपी सरकार ने दिया है। आप नहीं कह सकते कि यह महज व्यावसायिक विज्ञापन विभाग का निर्णय है। इस विज्ञापन से अखबार फासिज्म का माध्यम बन रहा है। यह डरावना है। स्वरा भास्कर ने भी इस विज्ञापन पर सवाल उठाया। स्वरा भास्कर ने भी विज्ञापन को शेयर करते हुए लिखा कि क्या यही सासहस भरी पत्रकारिता?

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