ताजमहल : याचिकाकर्ता को HC ने किया पानी-पानी, पहले पढ़ाई करो

ताजमहल : याचिकाकर्ता को HC ने किया पानी-पानी, पहले पढ़ाई करो

हिजाब, लाउडस्पीकर, हनुमान चालीसा के बाद ताजमहल पर विवाद खड़ा करनेवाले को HC ने आज पानी-पानी कर दिया। कहा, जाकर पहले एमए करो, पीएचडी करो…।

आज उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट ने ताजमहल पर विवाद खड़ा करनेवाले को खूब हड़काया। कहा, पहले जाकर पढ़ाई करो। एम करो, पीएचडी करो और पीएचडी करने से कोई रोके तब यहां आना। मालूम हो कि हाईकोर्ट में एक याचिकाकर्ता ने ताजमहल के 22 कमरे खुलवाने के लिए याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि पीआईएल के अधिकार को मजाक न बनाएं। पहले रिसर्च करिए, फिर याचिका दायर करिए।

कुछ दिनों से सवा सौ करोड़ लोगों का देश ऐसे ही मुद्दों में उलझा है या देश को उलझा कर रख दिया गया है। हिजाब, हनुमान चालीसा, लाउडस्पीकर पर महीीनों बहस के बाद अब ताजमहल पर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ ने तो यह भी दावा कर दिया है कि इसे उनके पूर्वजों ने बनाया था। राजस्थान के राजसमंद से सांसद दिया कुमारी ने दावा किया है कि ताजमहल का निर्माण जयपुर राजपरिवार की जमीन पर कराया गया है, इसलिए इस पर उनका अधिकार है।

भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर की कि ताजमहल के 22 कमरों को खोला जाए। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भाजपा नेता को पानी-पानी कर दिया। लोग कह रहे हैं कि वाट्सएप यूनिवर्सिटी में पढ़नेवालों का यही हाल होता है। याचिका दायर करनेवाले और कुछ अन्य हिंदुत्ववादी संगठन दावा कर रहे हैं कि ताजमहल पहले शिव मंदिर था। उसी को तोड़कर ताजमहल बनाया गया। कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा-इतिहास बदलने की कोशिश में लगे लोगों को आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने थोड़ा सा इतिहास ज़रूर पढ़ा दिया है। जब से कोर्ट ने याचिका को खारिज किया, तब से सोशल मीडिया पर ताजमहल लगातार ट्रेंड कर रहा है।

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