त्रिपुरा हिंसा : ट्विटर-फेसबुक पोस्ट के लिए 102 लोगों पर UAPA

त्रिपुरा हिंसा : ट्विटर-फेसबुक पोस्ट के लिए 102 लोगों पर UAPA

त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा पर ट्वीट करने या फेसबुक पोस्ट करने पर राज्य पुलिस ने 102 लोगों पर UAPA लगाया है। इस धारा में बेल मिलना दुर्लभ होता है।

त्रिपुरा में सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन करते एसएफआई कार्यकर्ता। फोटो- द वायर से साभार।

त्रिपुरा पुलिस ने राज्य में हुई सांप्रदायिक हिंसा को लेकर ट्वीट करने या फेसबुक पोस्ट करनेवाले 102 लोगों पर यूएपीए की धारा लगाई है। त्रिपुरा पुलिस ने 68 ट्विटर अकाउंट होल्डर, 32 फेसबुक अकाउंट और दो यूट्यूबर पर यूएपीए लगाया है। इससे पहले दिल्ली के दो अधिवक्ताओं पर राज्य पुलिस ने यूएपीए लगाया, जिसके बाद कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए। दिल्ली के दो अधिवक्ता अंसार इंदौरी तथा मुकेश पर पहले यूएपीए लगाया गया। ये दोनों त्रिपुरा में हुई सांप्रदायिक हिंसा की जांच करने के लिए गए थे। दोनों एक स्वतंत्र जांच टीम के हिस्सा थे। इसके बाद यह खबरें आने लगीं कि किस प्रकार उग्र हिंदुत्व समूहों द्वारा मुस्लिमों के जान-माल को नुकसान पहुंचाया गया है।

द वायर के अनुसार जिन ट्विटर अकाउंट पर मामले दर्ज किए गए हैं, उनमें इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल के सदस्य, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर के प्रो. सलीम इंजीनियर, ब्रिटिश अखबार Byline Times के ग्लोबल संवाददाता सीजे वरलेमैन, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जफरूल इस्लाम खान, स्टूडेंट एक्टिविस्ट शरजील इमाम, पत्रकार श्याम मीरा सिंह, जहांगीर अली और सरताज आलम सहित अन्य शामिल हैं।

न्यूजक्लिक के पत्रकार श्याम मीरा सिंह ने ट्विट किया-UAPA अकेले मुझपर नहीं लगा है, मेरे अलावा 101 लोगों पर भी लगा है, वे सब मुस्लिम है। ये दिखाता है भारत सरकार अपने अल्पसंख्यकों के साथ कैसा बर्ताव कर रही है। लड़ाई मेरी नहीं, उन बच्चों को बचाने की है। ये शर्मनाक है कि भारतवासी तालिबान पर तो बोलते हैं लेकिन हिंदू तालिबान पर चुप हैं।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा-इस जुल्म के दौर में जुबां खोलेगा कौन! हम भी चुप रहे तो बोलेगा कौन!

इधर ट्विटर पर #त्रिपुरा_पुलिस_शर्म_करो ट्रेंड कर रहा है। इसमें देशभर के लोग त्रिपुरा पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। हंसराज मीणा ने ट्वीट किया- सैकड़ों मुस्लिमों पर UAPA लगा दिया। इसके विरोध में कोई उफ्फ तक नहीं कर रहा है। कहां गए तथाकथित मुस्लिम हितैषी दल और नेता? तुम्हारी इस खामोशी पर तुम्हें शर्म आनी चाहिए। #त्रिपुरा_पुलिस_शर्म_करो

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