उदयपुर की घटना : मुस्लिम प्रबुद्धजन बोल रहे, धर्मांधता बरदाश्त नहीं

उदयपुर की घटना मुस्लिम प्रबुद्धजन बोल रहे, धर्मांधता बरदाश्त नहीं

उदयपुर की घटना के खिलाफ सभी कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे। मुस्लिम प्रबुद्धजन भी पीछे नहीं। इस समाज के पत्रकार, कार्यकर्ता बोले- धर्मांधता बरदाश्त नहीं।

उदयपुर की घटना ने सभी को सन्न कर दिया है। सभी हत्यारों के खिलाफ जल्द से जल्द अधिकतम कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मुस्लिम प्रबुद्ध जन भी सोशल मीडिया पर ऐसी ही मांग कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि धर्मांधता स्वीकार नहीं है।

हिंदी-उर्दू लेेखक सईद अयूब ने कहा-उदयपुर में जिन दो हत्यारों ने हत्याकांड को अंजाम दिया है, वे कुछ भी और हों तो हों, मुसलमान नहीं हो सकते। इन जैसे हरामखोरों की कृत्यों से पूरा मुस्लिम समाज शर्मिंदा होता है। इन हत्यारों को पकड़ कर, फ़ास्ट ट्रैक अदालत में केस चला दस दिन के अंदर अंदर फाँसी पर लटका देना चाहिए।

पत्रकार शकील अख्तर ने कहा-बहुत शर्मनाक। सरकार को सख्त कार्रवाई करना चाहिए। ऐसे लोगों की गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलना चाहिए। और जो करने वाले हैं उनकी और उस विचार की जितनी निंदा की जाए कम है। मुसलमानों को आगे आकर कड़े शब्दों में निंदा करना चाहिए और मुस्लिम संगठनों को भी कड़ा स्टेंड लेना चाहिए।

आरजे साएमा ने कहा-मैं उदयपुर का वह भयानक वीडियो शेयर नहीं करूंगी, लेकिन मांग करती हूं कि हत्यारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। कितनी शर्मनाक घटना है! राजनीतिक-आर्थिक मामलों के लेखक सलमान अनीस सोज ने कहा-उदयपुर में सिर कलम करने की घटना अति नफरत का एक उदाहरण है। हमें सिर्फ भर्त्सना ही नहीं करनी चाहिए, बल्कि भारतीय समाज को इस नफरत से मुक्त करने का प्रयास करना चाहिए। उम्मीद है कि हत्यारों को जल्द से जल्द उनकी किए की कड़ी सजा मिलेगी। पत्रकार रिजवान हैदर ने कहा-आज मुझे इन जैसे कट्टरपंथियों पर बिल्कुल भी हैरत नहीं हुई क्योंकि ऐसी मानसिकता वाली कई संगठन मौजूद है। सरकार को पता लगाना चाहिए कि अपने देश में ऐसी मानसिकता कहां से आ रही है?

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