यूक्रेन में फंसी छात्रा बोली-मोदी सरकार को हमारी फिक्र नहीं

यूक्रेन में फंसी छात्रा बोली-मोदी सरकार को हमारी फिक्र नहीं

यूक्रेन में 20 हजार भारतीय फंसे। रूस ने पहले ही चेता दिया था, उसके बाद भी भारत सरकार ने समय रहते कुछ नहीं किया। भारत की चुप्पी पर भारत में ही बवाल।

भारतीय दूतावास के सामने यूक्रेन में फंसे छात्र

सोशल मीडिया पर यूक्रेन में फंसे भारतीयों की अब तक सकुशल वापसी न होने तथा पूरे संकट पर मोदी सरकार की चुप्पी पर लोग खुलकर बोल रहे हैं। यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया में घूम रहा है, जिसमें वह कह रही है कि उनके जैसे हजारों छात्रों की भारत सरकार को कोई चिंता नहीं है। उसका गुस्सा फूट पड़ा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर हैंडल से पता चल रहा है कि वे यूपी चुनाव में व्यस्त हैं। उनकी तरफ से भारतीय छात्रों की वापसी पर कोई ट्वीट नहीं किया गया है। आज दोपहर भाजपा समर्थकों ने पता नहीं किस आधार पर खबर उड़ाई की सभी छात्रों की वापसी हो गई है। लेकिन यह प्रचार ज्यादा देर तक टिक नहीं पया और सच्चाई सामने आने लगी।

लेखक संजय झा ने कहा- भारत की चुप्पी निराश करनेवाली है। यह भारत सरकार में नैतिक बल और साहस के घोर अभाव को दिखाता है। कुछ दिन बाद भारत सरकार रटा-रटाया जवाब देगी कि वह शांतिपूर्ण समादान का प्रयास कर रही है।

फिल्मकार विनोद कापरी ने कहा-ऐसे समय में जब #Ukraine पर हमला हो चुका है। ऐसे समय में जब यूक्रेन में क़रीब 20 हज़ार, बीस हज़ार, फिर पढ़िए 20,000 भारतीय छात्र फंसे हैं। ऐसे समय में जब छात्रों से 26 हज़ार के टिकट के लिए 80 हज़ार रूपये वसूले जा रहे हैं, भारत के प्रधानमंत्री की प्राथमिकता। कई लोगों ने 26 हजार की जगह 80 हजार रुपए मांगे जाने को एयर इंडिया के निजीकरण का परिणाम बताया है।

बिहार के भी अनेक छात्र यूक्रेन में फंसे हैं। थोड़ी देर पहले बिहार सरकार ने कहा कि वह छात्रों की वापसी के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों के संपर्क में है।

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